बरेली: कैंटीन संचालन से अक्षर विहार तालाब का पानी हो रहा दूषित

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बरेली, अमृत विचार। अक्षर विहार पार्क में तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए जहां स्मार्ट सिटी परियोजना और अमृत योजना के तहत मोटी रकम भले ही खर्च की जा रही है लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिखाई दे रहा है। संरक्षित किए गए तालाब में जबरदस्त गंदगी फैल गई है। तालाब की सफाई तो हो …

बरेली, अमृत विचार। अक्षर विहार पार्क में तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए जहां स्मार्ट सिटी परियोजना और अमृत योजना के तहत मोटी रकम भले ही खर्च की जा रही है लेकिन इसका कोई खास असर नहीं दिखाई दे रहा है। संरक्षित किए गए तालाब में जबरदस्त गंदगी फैल गई है। तालाब की सफाई तो हो ही नहीं रही है। मामला ये भी सामने आया है कि यहां संचालित हो रही कैंटीन के खाने-पीने वाली चीजें भी लोग तालाब में फेंककर उसे दूषित कर रहे हैं। नगर निगम प्रशासन न तो कैंटीन संचालक पर कार्रवाई कर रहा है और न ही तालाब को दूषित होने से रोकने के लिए ही कोई शिकंजा कस रहा है। अक्षर विहार तालाब पूर्व में भी तमाम बदइंतजामी और अराजकतत्वों के सक्रिय होने को लेकर चर्चा में रह चुका है।

अमृत योजना के तहत करीब 1.25 करोड़ रुपये से नगर निगम प्रशासन इस तालाब के सौंदर्यीकरण का काम करा चुका है। इससे बाउंड्रीवाल, सीमेंट की बेंच, तालाब के चारों ओर लोहे के जाल से फेंसिंग आदि के काम कराए गए हैं। मोटी रकम खर्च कर तैयार हुए इस पार्क की चींजे बर्बाद न हो, इसके लिए नगर निगम प्रशासन ने एक फर्म को 10 साल के लिए कांट्रेक्ट दिया है। ठेका लेने वाली इसी फर्म की जिम्मेदारी है कि वह पार्क की सुरक्षित रखे और उसमें होने वाली टूट-फूट को दुरुस्त कराए लेकिन अक्षर विहार के संरक्षित किए तालाब की सुरक्षा को लेकर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

तालाब का पानी काफी दूषित हो गया है। दूर तक काई और गंदगी ही दिखाई दे रही है। इस तालाब की सफाई का जिम्मा किसके हवाले होगा, यह अब तक तय नहीं हो सका है। उस पर दिक्कत यह है कि कैंटीन संचालन के ध्यान न देने से यहां खाने-पाने के लिए हर दिन बड़ी संख्या में आने वाले लोग तालाब में गंदगी फेंक रहे हैं। इस मामले में नगर निगम की ओर से न तो कैंटीन संचालन पर शिकंजा कसा गया और न ही उस पर कोई कार्रवाई ही हुई है।

34 लाख खर्च कर लगाई जाएगी एसटीपी
संरक्षित किए गए अक्षर विहार तालाब के पानी को अभी स्वच्छ नहीं रखा जा पा रहा है। इसलिए करीब 34 लाख रुपये खर्च करके एसटीपी यानी सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट को लगाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि ये काम फरवरी-मार्च तक पूरा हो जाएगा। अफसरों का कहना है कि अगर लोग खाने-पाने की चीज तालाब में फेंक रहे हैं तो इसे लेकर कार्रवाई की जाएगी।

विदेशी पक्षी आने हुए बंद, स्थानीय लोग भी परेशान
अक्षर विहार तालाब के सौंदर्यीकरण के नाम पर कैंटीन संचालन को लेकर विरोधाभास सामने आ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब का पानी जब स्वच्छ था तो उस वक्त सर्दी के मौसम में विदेशी पक्षी भी आते थे लेकिन तालाब का पानी गंदा होने से ये मेहमान पक्षियों का प्रवास बंद हो गया है। कैंटीन संचालन और पार्क में लोगों की काफी चहलकदमी हो जाने से पार्क की शांति भी खत्म हो गई है।

वर्जन– 
अक्षर विहार तालाब के पानी को दूषित नहीं होने दिया जाएगा। इसके लिए नगर निगम एसटीपी तो लगवा ही रहा है। साथ ही निरीक्षण कर अगर कैंटीन संचालक गड़बड़ी कर रहा है तो उस पर जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
—संजीव प्रधान, पर्यावरण अभियंता, नगर निगम

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