बरेली: मंडी की हरी सब्जियों की पत्तियां खाएंगी गोशाला की गायें
बरेली, अमृत विचार। गोशाला में गायों को हरे चारे की कमी न हो, इसके लिए भूसे के साथ पौष्टिक चारे की भी व्यवस्था कर दी गई है। डीएम के निर्देश पर मंडी समिति हर रोज तीन से चार ट्रॉली हरी सब्जियों के पत्ते गोशाला में भेजे रही है। मंडी में प्रतिदिन सैकड़ों टन हरी सब्जियां …
बरेली, अमृत विचार। गोशाला में गायों को हरे चारे की कमी न हो, इसके लिए भूसे के साथ पौष्टिक चारे की भी व्यवस्था कर दी गई है। डीएम के निर्देश पर मंडी समिति हर रोज तीन से चार ट्रॉली हरी सब्जियों के पत्ते गोशाला में भेजे रही है।
मंडी में प्रतिदिन सैकड़ों टन हरी सब्जियां आती हैं। इन्हें उठाने और रखने में पत्ते भी गिरते हैं। काफी पत्ते तो वाहन में ही रखने के दौरान टूट जाते हैं। अभी तक इनका कोई प्रयोग नहीं होता था। इन्हें फेंक दिया जाता था। सफाई के दौरान यह पत्ते कूड़े के साथ एकत्र किए जाते थे। बाद में ये कूड़ेदान में डाल दिए जाते थे, लेकिन अब इन पत्तों का सदुपयोग किया जाने लगा है। सुबह आढ़तियों से सब्जियां बिकने के बाद जो पत्ते पड़े रह जाते हैं, उन्हें मंडी कर्मचारी एकत्र करने लगे हैं।
दोपहर को नगर निगम की ट्राली मंडी में आती है। उसमें सब्जियों के पत्ते भरे जाते हैं। ये पत्ते निगम की ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिये गोशाला पहुंचते हैं। मंडी समिति के सचिव अनिल कुमार बताते हैं कि हर रोज हरे पत्तों को ट्राली से गोशाला भेजा जा रहा है। रोज तीन से चार ट्राली पत्ते निकल रहे हैं। गायों को पौष्टिक चारा मिल रहा है।
