बरेली: सरसों और गेहूं के लिए बारिश बनी अमृत

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Edited By Amrit Vichar
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शेरगढ़, अमृत विचार। क्षेत्र में रुक रुक कर हो रही बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। गेहूं, सरसों, बरसीम, मसूर आदि फसलों को फायदा हुआ है लेकिन अगर ओले गिरे तो फसल को नुकसान होगा। शनिवार को सुबह से ही बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया जो दोपहर बाद तक जारी रहा। …

शेरगढ़, अमृत विचार। क्षेत्र में रुक रुक कर हो रही बारिश ने किसानों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी है। गेहूं, सरसों, बरसीम, मसूर आदि फसलों को फायदा हुआ है लेकिन अगर ओले गिरे तो फसल को नुकसान होगा। शनिवार को सुबह से ही बूंदाबांदी का सिलसिला शुरू हो गया जो दोपहर बाद तक जारी रहा। वहीं, बारिश से कच्चे मार्गों पर कीचड़ तो पक्के मार्गों पर फिसलन हो गई है। बाढ़ प्रभावित गांवों में कांप मिट्टी होने के चलते बरसात के बाद मुसीबत बढ़ गई है।

बूंदाबांदी के चलते समाधान दिवस भी प्रभावित रहा। कोई भी फरियादी नहीं पहुंच सका। नगरिया कलां-कमालपुर गांव के बीच किच्छा नदी पर नवनिर्मित पुल के दोनों ओर बनने वाली सड़क पर हो रहा मिट्टी कार्य अत्यधिक दलदल होने के चलते रुक गया है। किसान इससे भी चिंतित हैं कि यदि ज्यादा बरसात हुई तो फसलों को नुकसान भी होना लाजिमी है। कई किसानों की सरसों की फसल तैयार होने के कगार पर है।

नाले उफनाए, मकानों में घुसा पानी
बारिश ने स्थानीय प्रशासन की कार्यकुशलता की पोल खोलकर रख दी। गांव में नाले का गंदा पानी दर्जनों घरों में जा घुसा जिससे लोगों का काफी परेशानी हुई। गांव सिहुलिया के पिंकी शर्मा ने बताया कि इसकी सूचना ग्राम प्रधान को दी लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रधान ने शासन से बजट न होने की बात कही। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में बारिश के चलते गंदगी का अंबार लगा है। सफाई कर्मी भी समय पर नहीं आता है जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। गंदगी होने से मच्छरों का पनपना संभव है। इससे बीमारियां फैल सकती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांव में सफाई कराने की मांग की है।

मामूली बारिश में ही देवरनिया-मुंडिया जागीर रोड तालाब में तब्दील
दो कस्बों को जोड़ने वाला रोड देवरनिया-मुंडिया जागीर मार्ग मामूली बारिश में ही तालाब में तब्दील हो गया जिससे राहगीरों को निकलने मे खासी परेशानी हुई। यह मार्ग लंबे समय से जर्जर है।

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