रायबरेलीः चुनाव आयोग ने वर्षों से जमे 10 खंड शिक्षा अधिकारियों का किया तबादला
रायबरेली। विधानसभा चुनाव का आगाज होते ही चुनाव आयोग हरकत में आ गया है। वर्षों से जमे अधिकारियों को गैर जनपद का रास्ता दिखाया जा रहा है। इसी के चलते शिक्षा विभाग में स्थानांतरण शुरू हो गया है। 10 खंड शिक्षा अधिकारियों को जिले से बाहर दूसरे जनपदों में भेज दिया गया है। जिले में …
रायबरेली। विधानसभा चुनाव का आगाज होते ही चुनाव आयोग हरकत में आ गया है। वर्षों से जमे अधिकारियों को गैर जनपद का रास्ता दिखाया जा रहा है। इसी के चलते शिक्षा विभाग में स्थानांतरण शुरू हो गया है। 10 खंड शिक्षा अधिकारियों को जिले से बाहर दूसरे जनपदों में भेज दिया गया है।
जिले में दस खंड शिक्षा अधिकारी दस साल से रायबरेली में जमे हुए थे। जुगाड़ और पहुंच के चलते इनका स्थानांतरण नहीं हो रहा था। ऐसे में चुनाव आयोग ने सबसे पहले शिक्षा विभाग को निशाने पर लिया है। चुनाव घोषित होते ही दस खंड शिक्षा अधिकारियों का रायबरेली से रवानगी का टिकट कट गया है। आयोग के आदेश पर खंड शिक्षा अधिकारी सुरेश कुमार को उन्नाव, राम ललित को अमेठी को, राम किशन कश्यप को अमेठी को, राजेश राम को हरदोई को, अनिल त्रिपाठी को प्रयागराज को, वीरेन्द्र कनौजिया को प्रयागराज, विश्वनाथ प्रजापति को प्रयागराज को, पदम् शेखर को लखनऊ को, लालमणि राम को चन्दौली, राकेश कुमार को लखीमपुर खीरी भेजा गया है।
वहीं श्रावस्ती से श्री कृष्ण कुमार, धर्म प्रकाश को कानपुर नगर से, सुरेश कुमार मौर्य को उन्नाव से, सत्य प्रकाश को गोण्डा से, सत्य प्रकाश यादव को हरदोई से, वरुण कुमार मिश्र को प्रयागराज से, अरविंद सिंह को महराजगंज से, अरुण कुमार अवस्थी को उन्नाव से, दिनेश चन्द्रा को सीतापुर से राममिलन यादव को मिर्जापुर से रायबरेली में तैनात कर दिया गया है। शिक्षा विभाग में हुए फेरबदल से अन्य विभागों में भी खलबली मची हुई है।
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