रामपुर: अजीतपुर में कालोनियां बनाकर अवैध तरीके से प्लाटिंग, साझीदारों ने करोड़ों कमाए

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रामपुर, अमृत विचार। भू-माफिया सिस्टम पर हावी हो चुके हैं। यही वजह है कि अजीतपुर क्षेत्र में कालोनियां बनाकर अवैध तरीके से प्लाटिंग की जा रही है। कालोनियों में कई साझीदार हैं। इनमें कुछ लेखपालों ने भी हिस्सा डाल रखा है। करोड़ों रुपये का हर माह मुनाफा किया जा रहा है। कालोनी काटने में रामपुर …

रामपुर, अमृत विचार। भू-माफिया सिस्टम पर हावी हो चुके हैं। यही वजह है कि अजीतपुर क्षेत्र में कालोनियां बनाकर अवैध तरीके से प्लाटिंग की जा रही है। कालोनियों में कई साझीदार हैं। इनमें कुछ लेखपालों ने भी हिस्सा डाल रखा है। करोड़ों रुपये का हर माह मुनाफा किया जा रहा है। कालोनी काटने में रामपुर विकास प्राधिकरण के अभियंताओं के साथ ही विनियमित क्षेत्र के अधिकारियों की भी भूमिका संदिग्ध है। वहीं जमीन के बैनामे कराने में निबंधन विभाग स्टांप शुल्क का खेल कर रहा है साथ ही सरकारी और विवादित जमीनों के बैनामे मोटा कमीशन लेकर करा रहा है। कई-कई बरसों से एक ही जगह पर जमे तहसील के राजस्व कर्मियों की भूमिका जग जाहिर हो चुकी है।

हम बात कर रहे हैं शहर के कुछ ऐसे इलाकों की जहां जमीनों का खेल चल रहा है। सरकारी और विवादित जमीनों को औने पौने दामों में भू-माफिया खरीदकर उसके वैध दर्शाने वाले कागजात तैयार करा लेते हैं। चाहे नान जेड ए की जमीनें हों या फिर किसी की विवादित संपत्ति हो। इनके कागजात आसानी से सदर तहसील में तैयार हो जाते हैं। लेखपाल और कानूनगो ऐसा करने में माहिर हैं। इसके बाद निबंधन विभाग इन जमीनों के बैनामे मोटा कमीशन लेकर करा देता है। कुछ ऐसे मामले हैं जिनमें स्टांप शुल्क की बड़ी चोरी की गई है। करोड़ों रुपये की इस स्टांप चोरी को छिपाया जा रहा है। अमृत विचार इस स्टांप चोरी का जल्द खुलासा करेगा। इसमें निबंधन विभाग के छोटे बड़े कई अफसरों के लिप्त होने की संभावना है।

निबंधन विभाग कैसे बैनामे पर कमीशन का खेल खेल रहा है, यह भी किसी से खुला नहीं है। रजिस्ट्री आनलाइन होने के बाद भी सरकारी राजस्व को क्षति पहुंचाने के लिए खेल किया जा रहा है। इसका खुलासा भी जल्द होगा। रामपुर विकास प्राधिकरण के अभियंताओं ने किस तरह से भू माफिया से मिलकर अवैध कालोनियों में प्लाटिंग को खुली छूट दे रखी है। विनियमित क्षेत्र के अफसरों ने भी कई भवनों का लेआउट गलत तरीके से पास कर दिया है। अजीतपुर में एक्जीक्यूटिव इंकलेव का मानचित्र पास कराके किस तरह से कालोनियां काटी जा रही हैं। इस पर कोई रोक नहीं है।

यहां पर लोगों को गुमराह करके प्लाट बेचे जा रहे हैं। हकीकत यह है कि यहां जब बिके हुए प्लाटों पर मकान बनाए जाएंगे तो नक्शा पास होना तक मुश्किल होगा। क्योंकि सड़कें मानक के अनुरूप नहीं हैं, ना ही ग्रीन बेल्ट मानक के अनुरूप छोड़ी गई है। कालोनाइजरों के झुंड ने अफसरों से साठगांठ करके मनमानी की है। बताया जा रहा है इस कालोनी में कई सरकारी कर्मचारियों ने साझेदारी करके भोले भाले लोगों को प्लाट बेचकर गुमराह किया है।

गांधी समाधि रोड पर भी अवैध निर्माण
गांधी समाधि रोड पर भी अवैध निर्माण कराया जा रहा है। आश्रम पद्धिति बाइपास पर कई स्थानों पर मकान बन रहे हैं। इस रोड पर कालोनी काटी गई हैं। यहां बांध नहीं है। इसलिए नियमानुसार नक्शा पास नहीं होना चाहिए। इसके बाद भी रामपुर विकास प्राधिकरण के अभियंताओं ने कई कालोनियों को नक्शा पास कर दिया है। इसी तरह से इस रोड पर तमाम मकानों का निर्माण भी चल रहा है। साठगांठ के कारण निर्माण कार्य पर कोई रोक नहीं है।

अवैध कालोनियों में दे दिए बिजली कनेक्शन
शहर की कुछ अवैध कालोनियों में बिजली कनेक्शन भी दे दिए गए हैं। यह कनेक्शन बिजली विभाग के कर्मचारियों की साठगांठ से दिए गए हैं। रामपुर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि बिजली कनेक्शन अवैध कालोनियों में दिए जाना गलत है। जबकि बिजली अधिकारी कनेक्शन देने को वैध बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।

वर्जन–
शहर में जो कालोनियां अ‍वैध हैं उनके पर कार्रवाई की गई है। नोटिस भी दिए गए हैं। कुछ को ध्वस्त भी किया गया है। अवैध निर्माण जहां भी होता है, सूचना के बाद रुकवाया जाता है। अजीतपुर की कालोनियों के बारे में भी निरीक्षण किया जाएगा। – शंकरलाल सारस्वत, जेई, रामपुर विकास प्राधिकरण

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