हरदोई: मेडिकल कॉलेज में लाइट न होने से ठप्प रहा काम, तड़पते रहे मरीज

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई। हरदोई के जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में तो तब्दील कर दिया गया है, लेकिन मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्था के चलते मरीजों को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और सीएमएस में चल रही अंदरूनी जंग का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। पैथोलॉजी और वार्ड में …

हरदोई। हरदोई के जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में तो तब्दील कर दिया गया है, लेकिन मेडिकल कॉलेज की बदहाल व्यवस्था के चलते मरीजों को विषम परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य और सीएमएस में चल रही अंदरूनी जंग का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।

पैथोलॉजी और वार्ड में नहीं आई लाइट

इस मामले का जीता जागता उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब सोमवार की सुबह जैसे ही मेडिकल कॉलेज में कार्य शुरू हुआ वैसे ही कुछ देर के बाद पश्चात लाइट चली गई। इससे चारों तरफ वार्ड और पैथोलॉजी में अंधेरा छा गया। इससे मेडिकल कॉलेज की व्यवस्था एक बार फिर खुल गई। लाइट जाते ही सारे काम बंद हो गए।

मरीजों ने कुछ देर तक पैथोलॉजी में लाइट आने का इंतजार किया, लेकिन एक घंटे तक लाइट नहीं आई।

इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से लाइट की कोई आकस्मिक व्यवस्था भी नहीं कराई गई। इससे मायूस होकर कई मरीजों को सरकार को कोसते हुए वहां से वापस होना पड़ा। इसके अलावा वार्ड में कई मरीजों को लाइट ना होने के कारण नेबुलाइजर की जरूरत पड़ी तो वो भी उन्हें नहीं मिल सकी।

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मेडिकल कॉलेज में उपलब्ध है जनरेटर

बता दें कि मेडिकल कॉलेज में जनरेटर की सुविधा उपलब्ध है। इसके बावजूद लाइट का न आना काफी सवाल खड़े कर रहा है। गौरतलब है इससे पहले भी रात में लाइट जाने के बाद मेडिकल कॉलेज में टॉर्च की रोशनी में मरीज देखे जाते रहे हैं। इस संबंध में जब भी शिकायत की जाती है तो जिम्मेदारों अपने कर्तव्यों से पल्ला झाड़ लेते हैं।

इस मामले में जब सीएमएस डॉ. जेएन तिवारी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जनरेटर चलाया गया था। वो वहां बैठे थे। फिलहाल सीएमएस के कमरे में इनवर्टर लगा है। हो सकता है कि उन्हें इस खबर के बारे में मालूम न हो, लेकिन जो भी हो मेडिकल कालेज की इस लापरवाही के कारण मरीज परेशान रहे और यूं ही पैथोलॉजी में तड़पते रहे।

 

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