रामपुर: बारिश से किसानों की फसलें तबाह, मेहनत पर फिरा पानी

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रामपुर, अमृत विचार। बे मौसम बारिश से किसानों की फसलें तबाह हो गई हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। फसलें बर्बाद होने से अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। चार दिन से हो रही बारिश के कारण रबी की फसलों में पानी भर गया है। जिला कृषि …

रामपुर, अमृत विचार। बे मौसम बारिश से किसानों की फसलें तबाह हो गई हैं, जिससे किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। फसलें बर्बाद होने से अन्नदाता के माथे पर चिंता की लकीरें बढ़ गई हैं। चार दिन से हो रही बारिश के कारण रबी की फसलों में पानी भर गया है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में बारिश से करीब 30-32 प्रतिशत फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों को आपदा राहत से कुछ नहीं मिल पाएगा। अलबत्ता, जिन किसानों ने फसलों का बीमा कराया है वे 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर पर फोन करके हुए नुकसान की शिकायत दर्ज करा दें।

चार दिन पहले शुरू हुई बारिश दिनों-रात कभी तेज तो कभी धीमे बरसी। बारिश से फसलों में पानी भर गया है। जिसके कारण दलहनी और तिलहनी फसलों के लिए नुकसान हुआ है। कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि किसान दलहनी फसलों के खेतों में भरे पानी को निकाल दें। पूरी रात बारिश होती रही अलबत्ता, सुबह से दोपहर तक कभी हल्की तो कभी तेज बारिश हुई। इसके बाद आसमान में बादल छा गए। रात को हुई और सुबह से हो रही बारिश से खेतों में सरसों की फसल गिर गई है, जिसके कारण सरसों की फसल को करीब 32 प्रतिशत नुकसान हुआ है। इसके अलावा मटर, आलू और सब्जियों को भी करीब 30 प्रतिशत नुकसान हुआ है।

जनपद में रबी की फसलों का है इतना रकबा
फसल- रकबा
गेहूं- एक लाख 31 हजार हेक्टेअर
सरसों- 17 हजार हेक्टेअर
दलहनी फसलें- छह हजार हेक्टेअर
गन्ना- 34 हजार हेक्टेअर

पिछले चार दिन से हो रही बारिश के कारण जिले में सर्वे कराया गया। मटर, आलू, सब्जियों की फसलों में करीब 30 प्रतिशत नुकसान होने का अनुमान है। सरसों की जो फसल खेतों में गिर गई है 32 प्रतिशत नुकसान होने की संभावना है। नीचे के खेतों में जहां जलभराव हो गया है किसान पंपिंग सेट लगाकर पानी को खेतों से निकाल दें। गेहूं की फसल को कम नुकसान हुआ है।
-नरेंद्र पाल, जिला कृषि अधिकारी

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