मुरादाबाद : जनता दल की लहर में मिट गया था पंजे का निशान

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आशुतोष मिश्र/अमृत विचार। 37 साल से प्रदेश की राजनीति में हाशिये पर रही कांग्रेस इस चुनाव में गुल खिलाने जा रही है। टिकट में महिलाओं को 40 प्रतिशत आरक्षण और अकेले दम पर लड़ाई का निर्णय नया गुल खिला सकता है। वैसे तो 1985 से जिले में कांग्रेस वजूद की लड़ाई लड़ रही है। 1989 …

आशुतोष मिश्र/अमृत विचार। 37 साल से प्रदेश की राजनीति में हाशिये पर रही कांग्रेस इस चुनाव में गुल खिलाने जा रही है। टिकट में महिलाओं को 40 प्रतिशत आरक्षण और अकेले दम पर लड़ाई का निर्णय नया गुल खिला सकता है। वैसे तो 1985 से जिले में कांग्रेस वजूद की लड़ाई लड़ रही है। 1989 के चुनाव से पार्टी वनवास झेल रही है। तब मंडल कमीशन और बोफोर्स प्रकरण लोक सभा चुनाव में उछला था।

विधान सभा और लोकसभा चुनाव साथ में हुए थे। मुलायम सिंह यादव प्रदेश प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। यह अलग बात है कि उनका कार्यकाल मात्र साल भर का था। विधान सभा चुनाव में संगठन की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा की अगुवाई से कांग्रेसी उत्साहित हैं। गुरुवार को पार्टी की पहली सूची में मंडल के 19 विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम घोषित किए गए हैं, जिसमें मुरादाबाद शहर और देहात सीट शामिल है।

पार्टी ने नगर निगम में मेयर पद के उम्मीदवार रहे हाजी रिजवान कुरैशी को अपना चेहरा बनाया है, जबकि नगर निगम में पार्षद के रूप में लंबी पारी खेलने वाले नदीम अंसारी को मैदान में उतारा है। दोनों युवा पार्टी को कामयाब बनाना पाते हैं या नहीं, यह तो समय बताएगा। अतीत के पन्ने बताते हैं कि वर्ष 1989 के दौरान जनता दल की लहर में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया था। 1980 में शहर सीट पर जीते हाफिज सिद्दीक सरकार में राजस्व मंत्री बने थे।

1985 के चुनाव में पुष्पा सिंघल ने पार्टी का निशान चमकाया था। तब से कांग्रेस जिले में वनवास झेल रही है। अब नए समीकरणों पर चौपाल गर्म है। वर्ष 2017 के चुनाव में पार्टी ने समाजवादी पार्टी के साथ चुनावी गठबंधन किया था। पार्टी का अपना कोई उम्मीदवार नहीं था। अलबत्ता 2012 के चुनाव में पार्टी के उम्मीदवार सभी छह विधानसभा क्षेत्र में उतरे थे। तब भी किसी सीट पर पार्टी को सफलता तो नहीं मिली। लेकिन, सभी तीसरे और चौथे स्थान की दौड़ में शामिल रहे।

मंडल में कांग्रेस ने खेला मुस्लिम कार्ड, पहली सूची में 13 का नाम
मुरादाबाद। कांग्रेस के 125 प्रत्याशियों की सूची में मंडल के 13 चेहरे शामिल हैं, जिनमें नौ मुस्लिम हैं। पार्टी ने टिकट में महिलाओं को 40 प्रतिशत सीट देने की घोषणा की थी, जिसमें तीन महिलाओं को मौका मिला है। पहले और दूसरे चरण के मतदान के लिए मंडल की आधी से अधिक सीटों के उम्मीदवारों का ऐलान बाकी है। यह जरूर है कि कांग्रेस ने अपना मुस्लिम कार्ड खेल दिया है, जिससे सपा सहित कई दलों के समीकरण बिगड़ सकते हैं। पार्टी ने रामपुर में नवाब खानदान को पूरा तवज्जो दिया है। नवाब खानदान को दो सीटें दी गईं हैं। रामपुर शहर और स्वार से इस परिवार को मौका मिला है, जबकि अमरोहा, सम्भल और मुरादाबाद में वर्षों से अधिक समय से कोई विधायक कांग्रेस का नहीं बना है।

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