बरेली: मकर संक्रांति पर शहर में जगह-जगह हुए खिचड़ी भोज
बरेली, अमृत विचार। धार्मिक आस्था और उल्लास के साथ शुक्रवार को मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया। सुबह से ही भीषण ठंड और घने कोहरे के बावजूद लोगों ने नियमित स्नान और दान कर पर्व की शुरुआत की। लोगों ने तड़के उगते सूर्य को गंगा जल से अर्घ्य दिया। पर्व पर मान्यता के अनुसार कुछ …
बरेली, अमृत विचार। धार्मिक आस्था और उल्लास के साथ शुक्रवार को मकर संक्रांति का पर्व मनाया गया। सुबह से ही भीषण ठंड और घने कोहरे के बावजूद लोगों ने नियमित स्नान और दान कर पर्व की शुरुआत की। लोगों ने तड़के उगते सूर्य को गंगा जल से अर्घ्य दिया। पर्व पर मान्यता के अनुसार कुछ लोगों ने उपवास भी रखा। दान में रेवड़ी, तिल, गुड़, खिचड़ी व मूंगफली बांटी। शहर के अलग-अलग हिस्सों में खिचड़ी बांटने के लिए शिविर लगाए गए।
शहर में बीसलपुर चौराहा, डोहरा रोड, शंकर मंदिर के पास, यूनिवर्सिटी के पास, सुभाष शर्मा नगर चौराहे के पास, संजय नगर में देवी मठिया के पास, बड़ा बाजार क्षेत्र समेत कई क्षेत्रों में खिचड़ी का वितरण किया गया। मंदिरों में मकर संक्रांति पर हवन-यज्ञ किया गया। अलखनाथ मंदिर, कालीबाड़ी स्थित काली माता मंदिर, प्राचीन लक्ष्मी नारायण मंदिर, सांई मंदिर सहित शहर के लगभग सभी प्रमुख मंदिरों में दान करने वाले श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहा। उल्लास से सराबोर मकर संक्रांति के दिन कई जगह पतंग भी उड़ाई गईं। मंदिरों में दर्शनों के लिए सुबह से भीड़ रही। कई मंदिरों व शहर के हिस्सों में स्टॉल लगाकर लोगों ने निर्धनों को कंबल व तिल युक्त व्यंजन भी वितरित किए।
मकर संक्रांति से बड़ा होता है दिन
कालीबाड़ी क्षेत्र स्थित काली माता मंदिर के पुजारी बृजेश गौड़ ने बताया कि मकर संक्रांति पर सूर्य उत्तरायण दिशा में प्रवेश करता है। इस दिन से दिन के समय में बढ़ोतरी होने लगती है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करते हैं। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन भगवान भास्कर अपने पुत्र शनि से मिलने स्वयं उनके घर जाते हैं क्योंकि शनिदेव मकर राशि के स्वामी हैं। अत: इस दिन को मकर संक्रांति के नाम से जाना जाता है। अलखनाथ मंदिर के महंत कालू गिरी ने बताया इस संक्रांति में दान का बड़ा महत्व है। इस दिन शुद्ध घी एवं कंबल का दान मोक्ष की प्राप्ति करवाता है। मकर संक्रांति के अवसर पर गंगा स्नान, नदी, सरोवर एवं गंगातट पर दान को अत्यंत शुभकारक माना गया है। इस पर्व पर तीर्थराज प्रयाग एवं गंगासागर में स्नान को महास्नान की संज्ञा दी गई है। सामान्यत:, सूर्य सभी राशियों को प्रभावित करते हैं लेकिन कर्क व मकर राशियों में सूर्य का प्रवेश धार्मिक दृष्टि से अत्यंत फलदायक है।
सूद धर्मकांटे पर हुआ खिचड़ी भोज
उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के तत्वावधान में सूद धर्म कांटा प्रेम नगर में खिचड़ी भोज आयोजित किया गया। मंडल अध्यक्ष विशाल श्रीवास्तव, अभिषेक वर्मा के नेतृत्व में हुए भोज कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार, भाजपा महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा, नगर विधायक अरुण कुमार, गुलशन आनंद , ओम प्रकाश लोधी, शशिकांत गौतम, पार्षद विपुल लाला, अनुज कुमार वर्मा, सुमित वर्मा, बाबू राजपूत आदि उपस्थित थे।
स्वयंवर बरात घर पर भी आयोजन
मकर संक्रांति पर स्वयंवर बरात घर के पास खिचड़ी भोज का आयोजन इश्तियाक वारसी ने किया। इसमें जितेंद्र मुंडा, अमित, हरीश वर्मा, राज किशोर मिश्रा, सोनल भसीन का सहयोग रहा।
शशि सोशल वेलफेयर सोसाइटी ने बांटे कंबल
शशि सोशल वेलफेयर सोसाइटी ने मकर संक्रांति पर कंबल व खिचड़ी का वितरण किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार मौजूद थे। नगर विधायक डा. अरुण कुमार ने भी उपस्थिति दर्ज कराई। इस दौरान प्रख्यात कवि रोहित राकेश ने मतदाता जागरुकता का संदेश देकर लोगों से मतदान की अपील की। इस अवसर पर संस्था अध्यक्ष राशि पाराशर, गुलशन आनंद, डा. प्रमेंद्र माहेश्वरी, डा. राघवेंद्र शर्मा, दीपक द्विवेदी, रामकृष्ण शुक्ल, विशाल मल्होत्रा, अनीता शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे।
आज होगा नाथ नगरी दर्पण पत्रिका का प्रकाशन
जलाभिषेक समिति की ओर से नाथ नगरी दर्पण पत्रिका का 2022 अंक का प्रकाशन किया जा रहा है। पत्रिका का लोकार्पण 15 जनवरी को किया जाएगा। समिति के महामंत्री आशुतोष अग्रवाल ने बताया कि मकर संक्रांति के उपलक्ष्य में शिवाजी मार्ग नया टोला स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर में सुबह 8 बजे कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
बाबा नर्मदेश्वर नाथ शिव मंदिर में खिचड़ी भोज
मकर संक्रांति पर नर्सरी रोड स्थित बाबा नर्मदेश्वर नाथ शिव मंदिर में खिचड़ी भोज कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंदिर कमेटी की ओर से हजारों श्रद्धालुओं ने खिचड़ी भोज के साथ बाबा नर्मदेश्वर नाथ का आशीर्वाद लिया। कमेटी के पदाधिकारियों में आदेश कटियार, विमल पांडेय, दिनेश पाल सिंह, वीरेद्र मिश्रा, रूपराम मिश्रा, ओमपाल सिंह, सतीश चंद्र शर्मा समेत श्रद्धालु उपस्थित रहे।
