मुख्यमंत्री योगी ने बाबा गोरखनाथ को चढ़ाई खिचड़ी, मेला परिसर में किया भ्रमण

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गोरखपुर। सूर्य के मकर राशि के प्रवेश के प्रतीक मकर संक्रांति के पावन पर्व पर शनिवार तड़के से नाथ सम्प्रदाय के प्रसिद्ध शिवावतारी गोरक्षनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ सबसे पहले बाबा गोरखनाथ को सबसे पहले खिचड़ी चढ़ायी जिसके बाद श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपने आराध्य …

गोरखपुर। सूर्य के मकर राशि के प्रवेश के प्रतीक मकर संक्रांति के पावन पर्व पर शनिवार तड़के से नाथ सम्प्रदाय के प्रसिद्ध शिवावतारी गोरक्षनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला शुरू हो गया। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ सबसे पहले बाबा गोरखनाथ को सबसे पहले खिचड़ी चढ़ायी जिसके बाद श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपने आराध्य को खिचड़ी चढ़ाते रहे। इस दौरान योगी मेला परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा जांचने के लिये खुद भ्रमण रहे। सदियों से गोरक्षनाथ मंदिर में मकर संक्रान्ति के दिन कच्चा चावल-दाल और तिल की खिचड़ी चढाने की परम्परा रही है।

मान्यता के अनुसार योगी गोरखनाथ हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा के ज्वाला मंदिर से भ्रमण के बाद गोरखपुर आये थे और यहीं से उन्होंने अपने योग स्थल पर मकर संक्रान्ति के दिन खिचडी चढाने की शुरूआत की थी। गोरखनाथ मंदिर में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के अलावा बिहार तथा पडोसी देश नेपाल से भी भारी संख्या में श्रद्धालु खिचड़ी चढाने आते हैं। आज अपरान्ह एक बजे तक पांच लाख से अधिक भक्तों के द्वारा शिवावतारी गोरक्षनाथ को खिचड़ी चढाने का अनुमान है।

श्रद्धालु मंदिर परिसर में स्थित भीम सरोवर में पहले स्नान करते हैं और उसके बाद योगी गोरखनाथ का दर्शन करने के बाद खिचडी चढाते हैं। भीम सरोवर में देश के सभी पवित्र नदियों का जल डाला गया है। आज से गोरखनाथ मंदिर परिसर में एक माह तक चलने वाला भव्य मेला भी शुरू हो गया है जिसे खिचडी मेला कहा जाता है। मेले में बिहार.दिल्ली और कोलकाता आदि प्रान्तों से दुकानदार आये हैं।

शहर के चौराहा तथा गलियों में चूड़ा लाई पट्टी तिलकुट तथा गजक की दुकानें सजी है। आगरा का तिल लड्डू, बिहार का तिलकुट,बंगाल का रामदाना, कानपुर की गजक एवं लखनऊ की रेवड़ी इस बार लोगों को खूब भा रही है। परम्परागत वस्तुओं के साथ ही साथ इस समय सजावटी सामानों की भी भरमार है। सुरक्षा के मद्देनजर मेले में जाने वाले श्रद्धालुओं को मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ रहा है।

भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है1 सुरक्षा के लिए भरी संख्या में स्वयं सेवक मंदिर के तरफ से लगाये गये हैं। इसके अलावा एनसीसी, स्काउट गाइड और स्वयंसेवी संगठनों ने मेंला में आये श्रध्दालुओं को विशेष सहयोग देने का काम कर रहे हैं। खिचडी चढाने का सिलसला देर रात तक चलने का अनुमान है जिसमें लगभग दस लाख से अधिक श्रध्दालूओं द्वारा खिचडी चढाने की सम्भावना है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी संख्या में आने के मद्देनजर यातायात पुलिस ने गोरखनाथ क्षेत्र में यातायात व्यवस्था में फेरबदल भी किया है।

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