सीएम योगी के सदर सीट से प्रत्याशी बनते ही एकतरफा हुआ परिणाम, जानें…
गोरखपुर। गोरखपुर शहर (सदर) विधानसभा क्षेत्र से सीएम योगी आदित्यनाथ को भाजपा हाइकमान की तरफ से प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद इस सीट पर अन्य दलों के संभावित प्रत्याशियों को लेकर कयासबाजी में भी अब लोगों की दिलचस्पी नहीं नजर आ रही। अब तो चाय-पान की दुकानों से लेकर घरों तक यही कहा जा …
गोरखपुर। गोरखपुर शहर (सदर) विधानसभा क्षेत्र से सीएम योगी आदित्यनाथ को भाजपा हाइकमान की तरफ से प्रत्याशी घोषित किए जाने के बाद इस सीट पर अन्य दलों के संभावित प्रत्याशियों को लेकर कयासबाजी में भी अब लोगों की दिलचस्पी नहीं नजर आ रही। अब तो चाय-पान की दुकानों से लेकर घरों तक यही कहा जा रहा है कि कोई भी लड़े, चुनाव का परिणाम अभी से सबको पता है।
चार बार इस सीट से विधायक रह चुके हैं शिव प्रताप शुक्ल
बताते चलें कि गोरखपुर शहर विधानसभा सीट भाजपा की सुरक्षित सीटों में से एक मानी जाती है। वर्ष 1989 से लगातार चार चुनाव तक भाजपा के शिव प्रताप शुक्ल (अब राज्यसभा सांसद) यहां से विधायक चुने जाते रहे तो 2002 में बागी के तौर पर लड़ने वाले हिन्दू महासभा के टिकट पर जीत हासिल करने वाले डा. राधामोहन दास अग्रवाल को उस चुनाव में योगी आदित्यनाथ का आशीर्वाद मिला था।
बाद में डा. अग्रवाल भाजपा में शामिल हो गए और 2007, 2012 और 2017 के चुनाव में उन्होंने पार्टी प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की। 2022 के चुनाव के लिए भाजपा ने शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यहां से उम्मीदवार घोषित कर दिया है।
गोरखपुर संसदीय पर कोई नहीं दे पाया सीएम को टक्कर
योगी के प्रत्याशी घोषित होने के पहले तक यह चर्चा जरूर हो रही थी कि सपा, बसपा और कांग्रेस से गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से प्रत्याशी कौन होगा। पर शनिवार दोपहर बाद से चर्चाएं भी एकतरफा हो गई हैं। लोग अब अन्य दलों के संभावित प्रत्याशियों पर कयासबाजी से कन्नी काटने लगे हैं। अब चर्चाओं के केंद्र में सीएम योगी ही हैं और संसदीय चुनावों के दौरान गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र से उनको पूर्व में मिले वोटों के आंकड़े।
पांच बार योगी की संसदीय चुनावी जीत में गोरखपुर शहर में कोई उन्हें टक्कर देते नहीं नजर आया है। 2014 के संसदीय चुनाव में योगी को शहर विधानसभा क्षेत्र से 133892 वोट मिले थे, जबकि सपा प्रत्याशी रहीं पूर्वमंत्री स्व.यमुना निषाद की पत्नी राजमति निषाद को 31055 मत ही मिल सके थे।
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