ठंडी के मौसम में बढ़ जाता है heart attack का खतरा, ऐसे रखें अपने दिल का ध्यान
इस समय ठंड अपना प्रचंड रूप दिखा रही है। नतीजतन हृदय रोगियों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। जिला चिकित्सालय में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जो छाती में दर्द की शिकायत के साथ आ रहे हैं। साथ ही जिन्हें दिल की बीमारी नहीं है वह भी चिकित्सक के पास सीने में …
इस समय ठंड अपना प्रचंड रूप दिखा रही है। नतीजतन हृदय रोगियों की संख्या में भी इजाफा होने लगा है। जिला चिकित्सालय में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ी है, जो छाती में दर्द की शिकायत के साथ आ रहे हैं। साथ ही जिन्हें दिल की बीमारी नहीं है वह भी चिकित्सक के पास सीने में तकलीफ की प्रॉब्लम के साथ पहुंच रहे हैं।
दरसअल सर्दियों में शरीर का तापमान गिरने पर हमारा सिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम एक्टिव हो जाता है और कैटेकोलामाइन के स्राव को बढ़ा सकता है। इससे रक्त वाहिकाओं का संकुचन हो सकता है जो हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल के स्तर और रक्त के थक्के बनने की प्रक्रिया को बढ़ा सकता है। ये सभी चीजें हार्ट अटैक के खतरे को बढ़ा सकती हैं।

अयोध्या चिकित्सालय के फिजिशियन डॉ. प्रशांत द्विवेदी ने बताया कि ठंडी हवाएं चलने से ह्दय के पुराने मरीजों की परेशानियां बढ़ गई है। सर्दी से नस सिकुड़ने के कारण रक्त संचार प्रभावित होने पर अचानक हृदयाघात होने के केस भी बढ़ जाते हैं। फिलहाल मौसम ठंडा होने के कारण प्रतिदिन दिल की बीमारी से जुड़े 30 से 50 मरीज अस्पताल आ रहे हैं, जिन्हें जांच के बाद दवाएं दी जा रही है। उन्होंने बताया कि अमूमन मरीज 45 वर्ष के ऊपर के ही हैं। फिलहाल सभी का इलाज किया जा रहा है।
बुजुर्ग सुबह टहलने न जाएं
आम घरों में देखा गया है कि घर के बड़े-बुजुर्ग सुबह टहलने जरूर जाते हैं। अगर अभी भी जा रहे हैं तो रुक जाएं। चिकित्सकों का मानना है कि जब तक शीतलहर चल रही है तब तक टहलने न जाएं। दिन खुलने के बाद ही टहलें।

युवाओं के लिए विशेष टिप्स
फिजिशियन डॉ. प्रशांत द्विवेदी ने बताया कि ओपीडी में 30 से 45 साल तक के मरीज भी आ रहे हैं। इन्हें भी छाती में दर्द, हृदय के आसपास दर्द की शिकायत रहती है। चिकित्सकों का कहना है कामकाज करने वाले लोगों को बाइक चलाते वक्त खूब ढककर निकलना चाहिए। कभी-कभी एसिडिटी की भी प्रॉब्लम हो जाती है। फिटनेस के लिए योग व व्यायाम करें।
ध्यान रखें…
1-बाजार का खाना और चटपटा भोजन खाने से बचें।
2-हृदय के आसपास और छाती में दर्द होने पर ईसीजी और ईको कराएं।
3- दोपहिया वाहन पर चलाते वक्त दस्ताने पहनें, कानों को ढककर रखें।
4-दिन में करीब पांच लीटर गुनगुना पानी जरूर पीएं।
5-रक्तचाप और मधुमेह को नियंत्रित रखें।
6- घर में नियमित योग की आदत डालें।
