यूपी चुनाव-2022: बीजेपी और सपा के इतने उम्मीदवारों का है क्रिमिनल रेकॉर्ड, जानें…
लखनऊ। यूपी विधानसभा को लेकर इस समय सियासत चरम पर है। कोई भी राजनीतिक दल किसी भी दूसरे दल की कमजोरी का फायदा उठाने से नहीं चूक रहा है। भले ही हर चुनावों में चुनाव आयोग नया निर्देश जारी करता है लेकिन क्रिमिनल केस वाले नेता को टिकट देने की परंपरा पर लगाम नहीं लग पा …
लखनऊ। यूपी विधानसभा को लेकर इस समय सियासत चरम पर है। कोई भी राजनीतिक दल किसी भी दूसरे दल की कमजोरी का फायदा उठाने से नहीं चूक रहा है। भले ही हर चुनावों में चुनाव आयोग नया निर्देश जारी करता है लेकिन क्रिमिनल केस वाले नेता को टिकट देने की परंपरा पर लगाम नहीं लग पा रहा है। ऐसे में आइये आपको बताते हैं कि किस राजनीतिक दल ने कितने क्रिमिनल केस वाले उम्मीदवारों को टिकट दिया है।
बीजेपी के 37 उम्मीदवारों पर है क्रिमिनल केस
बात अगर बीजेपी की करें तो बीजेपी ने अब तक कुल 109 उम्मीदवार घोषित किए हैं। इसमें से 37 नेताओं पर क्रिमिनल केस है। वहीं, बात अगर सपा की हो तो समाजवादी पार्टी ने अब तक 20 ऐसे नेताओं को टिकट दिया है, जिनके ऊपर आपराधिक मामले चल रहे हैं। सबसे दिलचस्प बात ये है कि समाजवादी पार्टी के एक प्रत्याशी के ऊपर तो 38 केस दर्ज है।
जहां तक बीजेपी की है तो यूपी के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य पर चार आपराधिक मामले दर्ज हैं। मौर्य सिराथू से बीजेपी उम्मीदवार घोषित किए गए हैं। पार्टी ने केशव प्रसाद मौर्य को टिकट क्यों दिया इस पर पार्टी ने दलील दी है।
पूरे यूपी में मशहूर हैं केशव : बीजेपी
बीजेपी ने कहा कि चुंकि केशव प्रसाद मौर्य न केवल अपने विधानसभा क्षेत्र में, बल्कि पूरे यूपी में भी काफी लोकप्रिय हैं। ऐसे में पार्टी की स्थानीय इकाई ने मेरिट के आधार पर उनका नाम आगे बढ़ाया है। इस मामले पर सफाई देते हुए बीजेपी के चुनाव आयोग संपर्क विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि केशव प्रसाद मौर्य को राजनीतिक विद्वेश के कारण फंसाया गया है। यही कारण है कि उनको प्राथमिकता दी गई है।
वहीं सुरेश राणा को थाना भवन और संगीत सोम को सरधना से बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया है। सुरेश राणा को लेकर बीजेपी ने कहा कि वो सरकार में मंत्री हैं और गन्ना बकाया भुगतान को लेकर उन्होंने अच्छा काम किया है। पार्टी का कहना है कि वो काफी लोकप्रिय हैं। इसलिए उन्हें टिकट दिया गया है। संगीत सोम को लेकर बीजेपी का कहना है कि उन्हें राजनीतिक चिढ़न के कारण झूठे मामलों में फंसाया गया है। पार्टी मानती है कि वो योग्य है और जनता उनसे काफी खुश है। इसीलिए पार्टी ने उन्हें टिकट दिया है।
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