मुरादाबाद में वृद्धाश्रम में 28, सीएचसी अधीक्षक समेत 407 संक्रमित मिले
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने अब जिले में वृद्धाश्रम के 28 बेसहारा बुजुर्गों को चपेट में ले लिया है। ठाकुरद्वारा सीएचसी के अधीक्षक, टीएमयू की महिला चिकित्सक और छह कर्मी सहित जिले में 407 नये संक्रमित मिले हैं। गुरुवार को आरटीपीसीआर जांच में संक्रमित मिले लोगों में वृद्धाश्रम के 28 बेसहारा बुजुर्ग …
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने अब जिले में वृद्धाश्रम के 28 बेसहारा बुजुर्गों को चपेट में ले लिया है। ठाकुरद्वारा सीएचसी के अधीक्षक, टीएमयू की महिला चिकित्सक और छह कर्मी सहित जिले में 407 नये संक्रमित मिले हैं। गुरुवार को आरटीपीसीआर जांच में संक्रमित मिले लोगों में वृद्धाश्रम के 28 बेसहारा बुजुर्ग हैं। इनमें अधिकांश की उम्र 60 वर्ष से अधिक है। इन बेसहारों में 13 पुरुष और 15 महिलाएं हैं। इतनी बड़ी संख्या में वृद्धाश्रम में संक्रमित मिलने से हड़कंप मच गया। आश्रम संचालक इन संक्रमितों को आइसोलेशन कैसे कराएं इस पशोपेश में पड़ गए। बताया जा रहा कि तीन कमरे में ही इन्हें रखने का इंतजाम किया जा रहा है। ऐसे में संक्रमितों की स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
ठाकुरद्वारा सीएचसी के अधीक्षक, टीएमयू की चिकित्सक और छह कर्मी, बैंक कॉलोनी, सिविल लाइंस के आठ, आशियाना, नीलकंठ, रामगंगा विहार, मिलन विहार, मान सरोवर, पीटीएस, जयंतीपुर, बुद्धि विहार के चार, पीटीएस के 36, ठाकुरद्वारा, वार्ड नंबर 12, कांठ के 12 लोग, डिलारी के पांच, कुंदरकी के 10 सहित जिले में 407 नये संक्रमित मिले हैं। इनको होम आइसोलेशन में रखवाने के लिए जिला सर्विलांस टीमों ने संपर्क करना शुरू कर दिया है। पहले के संक्रमितों में से 200 से अधिक से टीमें संपर्क नहीं कर पाई हैं। इनके संपर्क में आने वाले हजार से अधिक भी जांच के दायरे से बाहर हैं। ऐसे में जिले में संक्रमण की चेन बढ़ रही है। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. प्रवीन श्रीवास्तव का कहना है कि वृद्धाश्रम में टीम भेजकर आइसोलेशन व सैनिटाइजेशन के प्रबंध कराएंगे। अन्य संक्रमितों को भी सात दिन तक होम आइसोलेट रहने को कहा जा रहा है। किसी की स्थिति गंभीर होगी तो उसे कोविड आईसीयू में भर्ती कर इलाज किया जाएगा। जिले में एक्टिव मरीजों की संख्या 2307 है। वहीं, गुरुवार को 747 संक्रमितों को डिस्चार्ज किया गया है।
इन विभागों में फैला है संक्रमण
जिला अस्पताल, एसपी ऑफिस रेलवे, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ऑफिस, पीटीसी, पीएसी, कोतवाली, महिला थाने में भी कोरेाना वायरस का संक्रमण पहुंच चुका है। इसके बावजूद कहीं भी गंभीरता से कोविड नियमों का पालन नहीं हो रहा और न ही जिम्मेदार पालन कराने के लिए तत्पर हैं।
वृद्धाश्रम पहुंचे जिला सर्विलांस अधिकारी, संक्रमितों को दूर-दूर रखने की व्यवस्था कराई
मिलन विहार स्थित वृद्धाश्रम में 28 कोरोना संक्रमित बुजुर्ग मिलने पर देर शाम जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. प्रवीन श्रीवास्तव रैपिड रिस्पांस टीम लेकर पहुंचे। उन्होंने यहां संक्रमितों को दूर-दूर रखने की व्यवस्था कराई। आश्रम के संचालकों को हिदायत दिया कि लापरवाही कतई नहीं बरतें। कोरोना टीके की दोनों डोज लगवा चुके कर्मचारी ही होम आइसोलेशन के दौरान इनकी देखभाल करेंगे। जिला सर्विलांस अधिकारी ने संक्रमितों के संपर्क में आए आश्रम के अन्य लोगों की भी कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग कराई। संक्रमितों के इलाज के लिए मेडिसिन किट वितरित कराया। नगरीय स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधिकारी को भी यहां चिकित्सा व्यवस्था की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
किशोर संप्रेक्षण गृह में बनाया गया क्वारंटाइन सेंटर
कोरोना से बचाव के लिए किशोर संप्रेक्षण गृह में 15 बेड का क्वारंटाइन सेंटर बना है, जिसमें आने वाले नए किशोर व संक्रमित बच्चों को रखा जाएगा। संक्रमण से बचाव के लिए किशोरों को नियमित चेकअप व सैंपलिंग कराई जा रही है। खानपान पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किशोर संप्रेक्षण गृह के प्रभारी अधीक्षक सुनील कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण बढ़ने पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रोबेशन अधिकारी प्रिया पटेल ने नारी निकेतन व ओपन शेल्टर होम में संक्रमण से बचाव के पुख्ता इंतजाम के निर्देश दिए हैं। इसमें किशोर संप्रेक्षण गृह में संक्रमण पर नियंत्रण को 15 बेड का क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया है। संक्रमण के लक्षण दिखने वाले किशोरों को क्वारंटाइन सेंटर में रखा जाता है। ताकि जल्द स्वस्थ हो जाए। नारी निकेतन व ओपन शेल्टर होम में संक्रमण से बचाव कराने को व्यवस्था करवाई गई है।
लापरवाही बढ़ते ही बढ़ रहा संक्रमण
मुरादाबाद। जिले में कोरोना का ग्राफ घट-बढ़ रहा है। कभी संक्रमितों की संख्या कम हो रही तो कभी चरम पर। हर दिन मिल रहे सैकड़ों मरीजों के बाद भी इसको संक्रमण को लेकर न जन में गंभीरता दिख रही, न तंत्र संजीदा। हर कोई इसे हल्के में ले रहा है, जिससे कोरोना संक्रमण जीवन पर भारी पड़ रहा है। तीसरी लहर में जिले में एक माह में पांच हजार से अधिक मरीज मिले हैं। 10-19 जनवरी तक के मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े तस्दीक करते हैं कि इन 10 दिनों में ही 3705 नये मरीज मिले हैं। इसके बावजूद चिकित्सा से जुड़े सरकारी व निजी संस्थानों में ही गंभीरता नहीं है तो अन्य जगहों की बात ही दीगर है। सार्वजनिक स्थानों पर न जांच के लिए पर्याप्त टीमें हैं और न लोग खुद की इच्छा से जांच कराकर अपने और दूसरों को सुरक्षित रखने की सोच रख रहे हैं, जिससे संक्रमण लोगों की जिंदगी को प्रभावित कर रहा है। शहर का शायद्र कोई ऐसा मोहल्ला व देहात का कोई ब्लॉक हो, जहां संक्रमण न फैला हो। फिर भी आमजन और सरकारी तंत्र इसको लेकर गंभीर नहीं है। कोरोना के बचने के लिए टीकाकरण में भी जिला उम्मीद के अनुसार उपलब्धि हासिल नहीं कर पाया है। पहली डोज 86 फीसदी लोगों को लगी है। दूसरी डोज के टीकाकरण की स्थिति और दयनीय है। किशोर टीकाकरण और बूस्टर डोज की तो शुरुआत चंद दिन पहले ही हुई है। ऐसे में शत प्रतिशत टीकाकरण में वक्त लगना लाजिमी है।

