लखनऊ: कार्यकर्ताओं को टिकट दिलाने का शिवपाल पर दबाव, सता रहा ये डर…
लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का अपने कार्यकर्ताओं को टिकट दिलाने का दबाव है। इस समय पार्टी के कार्यकर्ताओं का जमावाड़ा कार्यालय पर लगातार लग रहा है। सपा से गठबंधन होने के बाद अभी तक सीट पर निर्णय न होने से कार्यकर्ता अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित नजर आ …
लखनऊ। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव का अपने कार्यकर्ताओं को टिकट दिलाने का दबाव है। इस समय पार्टी के कार्यकर्ताओं का जमावाड़ा कार्यालय पर लगातार लग रहा है। सपा से गठबंधन होने के बाद अभी तक सीट पर निर्णय न होने से कार्यकर्ता अपने भविष्य को लेकर काफी चिंतित नजर आ रहे है।
अखिलेश से अलगाव के बाद शिवपाल ने बनाई थी नई पार्टी
शिवपाल सिंह यादव ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से रार होने के बाद प्रसपा का गठन वर्ष 2017 में किया था। इसके बाद से उन्होंने लगातार अपने संगठन को बढ़ाने के लिए भरसक प्रयास किए। इस दौरान उनके साथ प्रदेश भर के नेताओं ने सहयोग किया और वर्ष 2019 में उनके समर्थन से कई नेताओं ने चुनाव लड़ा था। हालांकि इस पर किसी को सफलता नहीं मिल पायी थी।
शिवपाल पर एक टक नजर टिकाए हैं नेता और कार्यकर्ता
यह बात दूसरी है कि संगठन का फैलाव में शिवपाल ने खासा प्रयास किया। उस दौरान जिन लोगों ने प्रसपा का झंडा उठाया। अब वह अपने भविष्य को लेकर काफी परेशान है। उनमें से काफी ऐसे भी कार्यकर्ता है जो उस समय समाजवादी पार्टी को छोड़कर उनके साथ आए थे लेकिन अब उन्हें गठबंधन के बाद अपने टिकट की चिंता सता रही है। भाजपा में लगातार सपा के कई विधायकों और सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहु अपर्णा यादव समेत कई रिश्तेदारों के सदस्यता लेने से भी पार्टी में चर्चाओं का बाजार गरमा गया है।
वहीं, सपा में भी कई भाजपा और कांग्रेस के विधायक व पूर्व विधायकों ने सदस्यता ली है। ऐसे में सपा की सीट दावेदारी सूची में उन नेताओं को भी देना है, जो पार्टी में शामिल हुए है, उनको भी स्थान व टिकट देना चुनौती है। ऐसे में प्रसपा के नेता अब एक टक अपने प्रमुख शिवपाल सिंह यादव की ओर नजर लगाए देख रहे हैं।
पांच साल की मेहनत, अब टिकट की जद्दोजहद
प्रसपा में बीते पांच से मेहनत करने वाले कार्यकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विधानसभा चुनाव को लेकर बीते दो साल से काफी मेहनत कर रहे है। अपनी मेहनत के बूते क्षेत्र में काफी नाम कमाया और लोगों के बीच काम भी काफी किया लेकिन गठबंधन के बाद अभी तक कोई सूची नहीं जारी हुई। ऐसे में टिकट को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।
सपा और प्रसपा गठबंधन का मिलेगा लाभ
प्रसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं का समाजवादी पार्टी से गठबंधन होने को लेकर काफी खुश नजर आ रहे है। उनका कहना है कि निश्चित रूप से सपा से गठबंधन होने पर उन्हें इसका लाभ मिलेगा। पार्टी सूत्रों के अनुसार प्रदेश के कई नेताओं ने सीधे शिवपाल से मिलने का प्रयास कर रहे है और जिनकी मुलाकात हो रही है, वे अपने टिकट दिलाने की मांग कर रहे हैं।
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