लखनऊ: स्कूल बंद, फिर भी शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य, विरोधाभासी आदेशों से बढ़ी परेशानी…
लखनऊ। यूपी में हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच सभी स्कूल कॉलेज बंद हैं, लेकिन बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है। जबकि इन विद्यालयों के बच्चों के आने पर रोक है। वहीं सचिव परिषद से लेकर प्रमुख सचिव और मुख्य सचिव तक के …
लखनऊ। यूपी में हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बीच सभी स्कूल कॉलेज बंद हैं, लेकिन बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य है। जबकि इन विद्यालयों के बच्चों के आने पर रोक है। वहीं सचिव परिषद से लेकर प्रमुख सचिव और मुख्य सचिव तक के अलग—अलग आदेश जारी हो रहे हैं।
शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मियों का स्कूल आना अनिवार्य…
मुख्य सचिव का आदेश होने के चंद घंटे बाद ही बेसिक शिक्षा परिषद सचिव ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं की छुट्टी रहेगी लेकिन, विधानसभा चुनाव के लिए शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मियों का विद्यालय आना अनिवार्य है।
मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्रा और परिषद सचिव प्रताप सिंह बघेल की ओर से आदेश जारी होने के बाद जिलों में बेसिक शिक्षा अधिकारियों व जिलाधिकारियों की ओर से मनचाहे आदेश हुए हैं। जिलो में कहा गया कि शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक व शिक्षणेतर कर्मचारी विद्यालय में उपस्थित होकर चुनाव कार्य और वैक्सीनेशन कार्य में योगदान देंगे। सीडीओ बस्ती ने गैरहाजिर नौ शिक्षकों का वेतन रोकने का आदेश दिया है। सुलतानपुर व कन्नौज के जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि स्कूल बंद रहेंगे और कक्षाएं आनलाइन चलेंगी।
वहीं कुछ जिलो में शासनादेश के अनुरूप 50 प्रतिशत कार्मिकों को उपस्थित होने का निर्देश दिया है, यह भी लिखा है कि ये निर्देश उन पर लागू नहीं होंगे जो विधानसभा चुनाव व कोविड वैक्सीनेशन कार्य में लगे हैं। वहीं कुछ बेसिक शिक्षा अधिकारी ने निर्देश दिया है कि शिक्षक व शिक्षणेतर कर्मचारी आवश्यकतानुसार के स्कूलों में उपस्थित होंगे।
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