रायबरेली: चंदे से बनी अस्थाई गौशाला पर गरमाई राजनीति, विधायक समेत चार पर मुकदमा दर्ज

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रायबरेली। निहस्था गांव में चंदे से चल रही अस्थाई गौशाला से सियासत गर्म हो गई है। सपा ने इसे लेकर शिकायती पत्र दिया था जिस पर प्रशासन ने इस गौशाला को अवैध करार दिया तथा साथ ही हरचंदपुर विधायक सहित चार के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया है। इस पर एमएलसी …

रायबरेली। निहस्था गांव में चंदे से चल रही अस्थाई गौशाला से सियासत गर्म हो गई है। सपा ने इसे लेकर शिकायती पत्र दिया था जिस पर प्रशासन ने इस गौशाला को अवैध करार दिया तथा साथ ही हरचंदपुर विधायक सहित चार के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज कराया है। इस पर एमएलसी दिनेश सिंह अपने भाई और विधायक के पक्ष में उतर आए हैं। उनका कहना है कि जन हित के कार्य में विपक्षी दल के उम्मीदवार प्रशासन को गुमराह कर रहे हैं।

खीरों क्षेत्र एमएलसी दिनेश सिंह की राजनीतिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र है। अपने भाई और हरचंदपुर विधायक राकेश सिंह के लिए वह चुनावी माहौल बनाने में लगे हैं, इस कारण खीरों क्षेत्र में अधिक ध्यान दिया जा रहा है। वहीं खीरों में छह गौशाला बन रही हैं लेकिन आवारा मवेशियों से निजात दिलाने के लिए जन प्रतिनिधियों ने एक अस्थायी गौशालाओं बनवा दी है। इसमें जानवरों को रखा जा रहा है। अब मुख्य विपक्षी दल सपा को इस गोशाला ने मुद्दा दे दिया है। सपा के रणनीतिकारों ने इस गोशाला के खिलाफ प्रशासन से शिकायत की थी।

बताया गया कि चुनाव के समय यह गोशाला कतई स्वीकार नहीं होनी चाहिए। सूत्र बताते हैं कि इस गोशाला तक जो भी किसान जानवर पहुंचाता है उसे नगद रुपये मिलते हैं। यह रुपया भाड़ा खर्च के लिए मिलता है। वहीं यह चीज आचार संहिता का उल्लंघन मानी जा रही है। इसी पर मुख्य विकास अधिकारी प्रभाष कुमार ने निर्देश जारी किए थे कि गोशाला अवैध है और इसमें मवेशियों को बंद नहीं किया जा सकता है। बस इसी बात से एमएलसी और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच खांई खिंच गई है।

वहीं शिकायत पर हरचंदपुर विधायक राकेश सिंह, पुट्टू सिंह, जिला पंचायत सदस्य गौरव सिंह, राज कुमार सिंह के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज हुआ है। इसी मामले को लेकर एमएलसी दिनेश सिंह को आगे आना पड़ा है। प्रेस वार्ता कर एमएलसी दिनेश सिंह ने कहा कि वह मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप काम हो रहा है। जब प्रशासन गोशाला नहीं खुलवा सका तो निहस्था के किसानों की फसल बचाने के लिए वह आगे आए हैं। आरोप लगाया कि प्रशासन सपा के संभावित उम्मीदवार की बात पर काम कर रहा है। उनकी पूर्व से योजना थी कि सतांव, खीरों और हरचंदपुर में वह इसी तरह की गोशाला बनवाएंगे। इसमें वह कोई गलत काम नहीं कर रहे। यदि बात न बनी तो प्रदर्शन होगा।

एमएलसी का चुनावी फंडा फिर खड़ी करेगा मुसीबत

रायबरेली की सियासत में एमएलसी दिनेश सिंह का खासा दखल है। जब यह कांग्रेस में थे तो उस दौरान भी चुनाव के दौरान इनकी रणनीति अलग तरह की होती थी जो हाईकमान.से लेकर प्रशासन के लिए चुनौती सरीखी होती थी। अब भाजपा में हैं तो अपने भाई और भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह को जिताने के लिए पहले से ही एमएलसी ने राजनीतिक फंडा लगाना शुरू कर दिया है। विपक्षी दल इसी कारण प्रशासन के दरवाजे पहुंच रहे हैं। वहीं एमएलसी ने जिस तरह गोशाला को लेकर प्रशासन से मोर्चा लेने की बात अंदरूनी रुप से की है उसकी तपिश भाजपाई खेमे में जाना तय है।

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