बदायूं: सपा के झूठे दिलासे पर बिफरे आबिद और रिजवान
बदायूं, अमृत विचार। सपा से टिकट हो जाने के बाद अब पूर्व में पार्टी द्वारा आश्वस्त किए गए नेताओं और उनके समर्थकों में बगावत की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। जिन दो मुस्लिम नेताओं के टिकट कटे हैं। उनमें और उनके समर्थकों के दिलों से शोले जल रहे हैं। जल्दी ही कुछ ऐसा हो सकता …
बदायूं, अमृत विचार। सपा से टिकट हो जाने के बाद अब पूर्व में पार्टी द्वारा आश्वस्त किए गए नेताओं और उनके समर्थकों में बगावत की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। जिन दो मुस्लिम नेताओं के टिकट कटे हैं। उनमें और उनके समर्थकों के दिलों से शोले जल रहे हैं। जल्दी ही कुछ ऐसा हो सकता है, जिससे चुनावी गणित प्रभावी हो सकता है। दोनो ही नेताओं की छवि अपने समर्थकों और समाज में काफी प्रभावी मानी जाती है। इनमें जहां एक ओर पूर्व विधायक ओर दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा हैं तो दूसरे मुस्लिम समाज के ही युवा और प्रभावी नेता कॉजी रिजवान हैं।
दोनो को पहले टिकट का आश्वासन सपा ने दिया था लेकिन ऐन वक्त पर पटली मार दी। इससे दोनो प्रभावी मुस्लिम नेता जल्दी ही कोई नया गुल खिला सकते हैं। दोनो ने ही जल्दी ही कोई बड़ा फैसला लेने का ऐलान कर दिया है। पूर्व विधायक एवं दर्जा राज्यमंत्री आबिद रजा लगातार दो साल से आश्वासन के बाद मेरे साथ बड़ा धोखा किया गया। बदायूं सदर से कमजोर प्रत्याशी को और कमजोर करके जानबूझकर भाजपा को वाकओवर दिया गया है। इंशाअल्लाह उनके साथ धोखे का पूरे जिले के मुसलमान बदला लेंगे।
वह और उनके समर्थक जिले की सभी सीटों पर अच्छे प्रत्याशी को जिताने के लिए प्रचार करेंगे। पूरे जिले में हमारे समर्थक, हमदर्द, कार्यकर्ता जल्दबाजी में कोई फैसला ना करें। अभी उनके फैसले का इंतजार करें। इधर, लखनऊ से लौटने के बाद काजी रिजवान का कहना है कि वह पहले अपने सहयोगियों से बात करेंगे। उससे पहले उनका कोई निर्णय नहीं है। पत्रकारों से अपनी राय जल्दी ही साझा करेंगे। लखनऊ से आने के बाद जब काजी रिज़वान अपने बदायूं सोथा आवास पर पहुंचे तो उनके आवास पर उनके बहुत से समर्थक पहले से ही मौजूद थे और उनके आने की खबर सुनकर कुछ ही देर में उनके चाहने वालों का बड़ा जमावाड़ा उनके निवास पर आ इकट्ठा हो गया। अफसोस जाहिर करते हुए चुनाव को लेकर उन्होंने आगे की रणनीति की चर्चा की।
काजी रिजवान ने सभी समर्थकों और शुभचिंतकों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि सभी लोग संयम बनाए रखे और किसी भी नेता के लिए कोई अपशब्द न कहें। हमारी तहजीब इसकी इजाजत हरगिज नहीं देती है। उन्होंने कहा मैं आपके बीच चुनाव मैदान में रहना चाहता था लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से पार्टी ने मेरा टिकिट काट दिया। जिसका मेरे साथ साथ आप सब को भी बड़ा अफसोस है।
उन्होंने कहा आप लोगों से बात करने के बाद ही मैं शनिवार को प्रेस वार्ता कर अपनी राय साझा करुंगा।
