रामपुर: पहले मुस्लिमों से भेदभाव का मामला दर्ज, 18 घंटे में आजम पर केंद्रित हुआ केस

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रामपुर, अमृत विचार। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान की शिकायत पर केंद्र सरकार के खिलाफ मुस्लिम समाज से भेदभाव किए जाने का मामला दर्ज कर लिया। इसके ठीक 18 घंटे बाद इस मामले को अपडेट करके पूर्व मंत्री और सांसद आजम खां पर केंद्रित कर दिया गया। यह शिकायत करीब छह माह …

रामपुर, अमृत विचार। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान की शिकायत पर केंद्र सरकार के खिलाफ मुस्लिम समाज से भेदभाव किए जाने का मामला दर्ज कर लिया। इसके ठीक 18 घंटे बाद इस मामले को अपडेट करके पूर्व मंत्री और सांसद आजम खां पर केंद्रित कर दिया गया। यह शिकायत करीब छह माह पहले पांच जुलाई को दानिश ने तब की थी जब सीतापुर जेल में बंद आजम खां कोरोना संक्रमित होने के बाद अधिक बीमार हो गए थे तो उन्हें मेदांता में भर्ती कराया गया था।

दानिश खान ने दर्ज कराई गई शिकायत में कहा था कि सांसद आजम खां और देश के अन्य मुस्लिम समुदाय के साथ राजनीतिक द्वेशभावन के कारण पक्षपात पूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। शिकायत में आजम खां पर दर्ज मुकदमों को फर्जी बताते हुए उन्हें 26 फरवरी 2020 को जेल भेजे जाने का भी जिक्र किया था। कहा था कि कोरोना संक्रमित होने के कारण वे मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। कहा गया था कि जिस शख्स ने बच्चों के पढ़ने के लिए जौहर यूनिवर्सिटी बनाई थी,, मेडिकल कालेज बनाया था उसे जेल भेज दिया गया है। गाय, भैंस चोरी के मुकदमे भी लगाए गए हैं।

क्या इतना बड़ा आदमी ऐसी हरकत करेगा। इन तमाम मुकदमों को राजनीति से प्रेरित बताया था। आरोप लगाया था कि एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंडियन इस्लामिक कल्चरल सेंटर में यह कहते हैं कि मैं मुस्लिम युवाओं के एक हाथ में कंप्यूटर दूसरे में कुरआन देखना चाहता हूं। लेकिन हकीकत में सरकार का निशाना मुस्लिम हैं। उनके हाथ में रिक्शे के हैंडल और पंचर की दुकानें हैं। इस तरह से की दानिश खान की अल्पसंख्यकों के खिलाफ भेदभाव के रूप में की गई शिकायत को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने 27 जनवरी को पूरे मुस्लिम समाज के साथ भेदभाव के साथ दर्ज कर लिया। इसके बाद फेसबुक और ट्वीटर पर शिकायत और दर्ज केस को अपलोड कर दिया गया। इसके 18 घंटे बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शिकायत मुस्लिम समाज के भेदभाव के स्थान पर आजम खां पर केंद्रित कर दी है।

इससे पहले भी एक शिकायत दर्ज कर निरस्त कर चुका है आयोग
दानिश खान की ओर से पिछले वर्ष ही एक शिकायत आजम खां के पक्ष में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में दर्ज कराई गई थी। इसमें उनके ऊपर किए गए फर्जी मुकदमें दर्ज किए जाने का जिक्र था। आयोग ने शिकायत दर्ज करने के बाद इसे यह कहकर निस्तारित कर दिया था कि सभी मामले न्यायालय में लंबित हैं जिसमें हस्तक्षेप करने का आयोग को अधिकार नहीं है।

आयोग केस अपडेट कर दिया : दानिश
आरटीआई और सोशल एक्टिविस्ट दानिश खान का कहना है कि मानवाधिकार आयोग ने पहले तो मुस्लिम समाज से भेदभाव का केस दर्ज किया, इसके 18 घंटे बाद केस को अपडेट कर दिया। इस केस को केवल आजम खां के उत्पीड़न से जुड़ा रहने दिया। जबकि हमने पूरे मुस्लिम समाज के साथ केंद्र सरकार द्वारा 2014 से 2022 तक भेदभाव करने की शिकायत की थी जिसमें आजम खां पर उत्पीड़न के मामले भी एक उदाहरण के तौर पर प्रस्तुत किए थे। अब इस मामले में आपत्ति दर्ज कराएंगे।

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