बाराबंकी: समान अधिकार और सम्मान चाहता है “थर्ड जेंडर”, किन्नर आयोग के गठन से बढ़ा उत्साह
बहराइच। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर हर वर्ग की अलग-अलग अपेक्षाएं हैं। ऐसे में थर्ड जेंडर भी यूपी चुनाव को लेकर उत्साहित नजर आ रहा है। किन्नर समाज को राजनीतिक दलों और आने वाली सरकार से समान अधिकार और सम्मान की अपेक्षा है। वह अपने समाज के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर भी …
बहराइच। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर हर वर्ग की अलग-अलग अपेक्षाएं हैं। ऐसे में थर्ड जेंडर भी यूपी चुनाव को लेकर उत्साहित नजर आ रहा है। किन्नर समाज को राजनीतिक दलों और आने वाली सरकार से समान अधिकार और सम्मान की अपेक्षा है। वह अपने समाज के लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर भी चाहते हैं। वे चाहते हैं कि “हिजड़ा और छक्का” जैसे शब्दों के उच्चारण पर सरकार रोक लगाए।
जिले में थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या हालांकि बहुत ही कम है। ऐसे में राजनीतिक दल उनके अधिकारों की भी बात नहीं कर रहे। इस बार के चुनाव में थर्ड जेंडर के 80 मतदाता मतदान करेंगे। जहां कहीं भी यदि मुकाबला बराबर का हो तो वहां यह 80 मतदाता भी निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। प्रदेश में किन्नर बोर्ड के गठन से भी कितना समाज उत्साहित है। जिले में पांचवें चरण 27 फरवरी को मतदान होना है। मतदाता इस बार पिछले चुनाव की अपेक्षा ज्यादा मुखर हैं। वह खुलकर बोलने में परहेज नहीं कर रहे हैं। ऐसे में किन्नर समाज भी चाहता है कि सरकार उनके हितों का भी ध्यान रखें ।
बाराबंकी में थर्ड जेंडर
जिले में इस बार कुल 80 थर्ड जेंडर के मतदाता मतदान में हिस्सा ले सकेंगे। इनमें सबसे अधिक 33 मतदाता सदर विधानसभा क्षेत्र में हैं। जैदपुर सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में 14 कुर्सी में 10 दरियाबाद में 9, हैदर गढ़ में 9, तथा रामनगर में सबसे कम 5 मतदाता हैं। पिछले विधानसभा चुनाव में थर्ड जेंडर के तीन ही वोट पड़े थे। इस बार उनमें जिला प्रशासन भी उत्साह भरने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में उनके मतदान का प्रतिशत कई गुना अधिक हो सकता है। पहली बार किन्नर समाज के जिन मतदाताओं को वोटर आईडी मिली है वह इससे भी खुश हैं।
प्रदेश में किसकी सरकार बने इसको लेकर उनमें कोई उत्साह नहीं है। लेकिन वह चाहते हैं कि जो भी सरकार बने उनके हितों का ध्यान रखें। आम लोगों की तरह उन्हें भी समाज में मान्यता, समान अधिकार और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराएं। जिला प्रशासन के जागरूकता कार्यक्रम में इस बार के थर्ड जेंडर समाज के लोगों को भी बुलाया गया था। मतदान की शपथ लेने के बाद अमृत विचार से बातचीत में प्रीति किन्नर कहती हैं कि वह चाहती हैं कि किन्नर भी समाज का हिस्सा है। सरकार जैसे दूसरे समाज के लिए कार्य करती है उसी तरह थर्ड जेंडर समाज के लिए भी कार्य करें। मुस्कान किन्नर का कहना है कि सरकार जो भी है वह सभी के लिए सोचे।
पिछली सरकारों ने किन्नर समाज के बारे में कुछ भी नहीं सोचा। कोरोना की जब बीमारी आई तो बहुत से लोग मर गए। किसी को इलाज मिला किसी को नहीं मिला हम लोगों ने भी बहुत कुछ खोया। पहली बार मतदान करने जा रहीं लता किन्नर कहती हैं कि सरकार किन्नर समाज के लोगों के साथ हो रहे भेदभाव को खत्म कराएं। जब हम लोग निकलते हैं तो लोग कहते हैं वह देखो छक्का जा रहा है। हिजड़ा जा रहा है यह शब्द हमारे लिए अपमानजनक है। सरकार ने ट्रांसजेंडर जो नाम दिया है वह सम्मानजनक है।
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