लखनऊ: अय्याश दरोगा के खिलाफ पीड़ित इंजीनियर ने डीजीपी से लगाई गुहार, यह है मामला…
लखनऊ। जब रक्षक ही भक्षक बन जाये तो इस समाज दुर्दशा का अंदाजा लगाना भी किसी भयावह सपने से कम नहीं। ऐसा ही एक मामला राजधानी में प्रकाश में आया है। जहां एक दरोगा ने केस सुलझाने के बहाने एक महिला को अपने प्रेम प्रसंग में फंसा लिया, जब महिला के पति ने दोनों को …
लखनऊ। जब रक्षक ही भक्षक बन जाये तो इस समाज दुर्दशा का अंदाजा लगाना भी किसी भयावह सपने से कम नहीं। ऐसा ही एक मामला राजधानी में प्रकाश में आया है। जहां एक दरोगा ने केस सुलझाने के बहाने एक महिला को अपने प्रेम प्रसंग में फंसा लिया, जब महिला के पति ने दोनों को आपत्तिजनक अवस्था में रंगेहाथ पकड़ लिया तो दरोगा ने महिला को बहला-फुसलाकर उसके पति को सामान समेत उसी के घर से बाहर फेंकवा दिया। पीड़ित पति ने डीजीपी को पत्र लिखकर अपनी पत्नी वापस दिलाने और आरोपी दरोगा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इंदिरानगर में किराए पर रहता है पीड़ित
पेशे से इंजीनियर पीड़ित पति ने बताया कि वह इंदिरा नगर में एक किराये के मकान में रहता है। ड्यूटी के चलते वह अधिकांशत: घर के बाहर रहता है। दो वर्ष पूर्व उसने एक प्रॉपर्टी डीलर को प्लॉट खरीदने के लिए पैसे दिये थे। पर प्रॉपर्टी डीलर पैसे हड़प गया। उसने मामले की शिकायत चिनहट कोतवाली अंतर्गत कमता चौकी में की। घर से बाहर रहने के कारण पुलिस के पास आने-जाने का काम उसकी पत्नी करती थी।
कमता चौकी प्रभारी ने पीड़ित से की बदसलूकी
बकौल पीड़ित, तत्कालीन कमता चौकी प्रभारी मनोज सिंह ने उसकी पत्नी से पैसे वापस दिलाने के नाम पर पहले 50 हजार रुपये रिश्वत ली। इसके बाद किसी न किसी बहाने घर आ-जाकर नजदीकियां बढ़ाईं। दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। मकान मालकिन ने जब इसकी जानकारी पीड़ित पति को दी तो वह 26 जनवरी को अचानक घर पहुंच गया।
धक्का देकर दरवाजे से अंदर घुसा तो आरोपी दरोगा और अपनी पत्नी को आपत्तिजनक अवस्था में पाया। पर बजाय माफी मांगने के आरोपी दरोगा ने झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हुए बदसलूकी की। साथ ही पत्नी को भड़का कर पति का सामान घर से बाहर फेंकवा दिया।
डीजीपी को पत्र लिखते हुए पीड़ित पति ने कहा कि ‘साहब मुझे मेरी वाइफ वापस दिलवा दीजिये। घर से निकाले जाने के बाद मैं होटल में रह रहा हूं, जबकि दरोगा मनोज सिंह मेरे घर में मेरी पत्नी के साथ रह रहा है।’
बनारस स्थानांतरित हो चुका है दरोगा , बार-बार कर रहा परेशान
पीड़ित पति ने बताया कि आरोपी दरोगा मनोज सिंह बनारस ट्रांसफर हो चुका है। पर वह बार-बार छुट्टी लेकर उसकी पत्नी से मिलने आता है और घर पर ही रुकता है। इसबार भी वह एक सप्ताह की छुट्टी लेकर आया हुआ है।
दौड़ाते रहे अधिकारी, नहीं हुई सुनवाई
पीड़ित ने बताया कि वह इस मामले की शिकायत लेकर चिनहट थाना से लेकर पुलिस कमिश्नर के ऑफिस तक गया, पर उसकी लिखित शिकायत तक नहीं ली गई। अंतत: उसने डीजीपी को लिखित शिकायत की है।
पति-पत्नी का है पूर्व से विवाद: डीसीपी पूर्वी
पूर्वी लखनऊ के डीसीपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि जिस दरोगा पर आरोप लगाया गया है वह वर्तमान में लखनऊ कमिश्नरेट में कार्यरत नहीं है। वहीं पता चला है कि आरोप लगाने वाले पति व उसकी पत्नी का पूर्व से ही विवाद चल रहा है। फिलहाल इस मामले की जांच के लिए एसीपी विभूतिखंड को निर्देशित किया गया है।
यह भी पढ़ें: यूपी चुनाव: महिलाओं ने भरी हुंकार, कहा- ऐसी सरकार चाहिए जो उखाड़ फेंके बेरोजगारी…
