लखनऊ: रोडवेज को लाखों रुपयों की चोट दे रहीं डग्गामार बसें, ऑनलाइन बुक हो रहे टिकट…

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लखनऊ। परिवहन निगम की ऑनलाइन सीट बुकिंग की सेवा ठप होते ही डग्गामार बस संचालकों की चांदी हो गई है। इन बसों का न तो कोई ऑफिस है, न काेई बस अड्डा, फिर भी डग्गामार बस संचालक यात्रियों को ऑनलाइन बसों में सीट बुक कराने की सुविधा दे रहे हैं। रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार …

लखनऊ। परिवहन निगम की ऑनलाइन सीट बुकिंग की सेवा ठप होते ही डग्गामार बस संचालकों की चांदी हो गई है। इन बसों का न तो कोई ऑफिस है, न काेई बस अड्डा, फिर भी डग्गामार बस संचालक यात्रियों को ऑनलाइन बसों में सीट बुक कराने की सुविधा दे रहे हैं। रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार पिछले दो महीने में डग्गामार बस संचालक 50 लाख से अधिक की चोट परिवहन निगम को दे चुके हैं।

परिवहन निगम की ऑनलाइन बुकिंग सेवा हुई ध्वस्त

परिवहन निगम की वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज, बहराइच, गोंडा के साथ दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान जाने वाली बसों में खासी भीड़ होती है। खास बात यह है कि इन रूटों की बसों में सबसे अधिक ऑनलाइन सीटों की बुकिंग होती है। कोरोना संक्रमण के बाद से लोग यात्री आनलाइन सीट बुक कराने को ही प्राथमिकता देते हैं। लेकिन तकरीबन बीते वर्ष नंवबर माह के अंत से परिवहन निगम की बसों में ऑनलाइन सीट बुकिंग की व्यवस्था ध्वस्त हो गई।

रोडवेज में असुविधा होने पर यात्री कर रहे डग्गामार बसों का रुख

डग्गामार संचालकों के अनुसार रोडवेज की वेबसाइट डालने जब यात्रियों को उस पर सुविधा नहीं मिलती तो वह अन्य वेबसाइट तलाशते हैं। वहां हमारे आप्शन मौजूद रहते हैं। हमारी वेबसाइट पर बस परिचालक का मोबाइल नंबर और बस कहां से किस समय मिलेगी, इसका जिक्र रहता है। इन बसों में यात्री ऑनलाइन टिकट बुक कराता है और दिए गए समय पर निर्धारित जगह पर पहुंच जाता है। बस आने में देरी होने पर यात्री परिचालक से बात कर लेता है।

ऐसी डग्गामार बसों का जाल शहर भर के विभिन्न इलाकों में फैला हुआ है। रोडवेज के अधिकारियों के अनुसार अकेले लखनऊ से हर महीने ऑनलाइन 25 लाख तक के टिकट ऑनलाइन बुक हो जाते थे। ऐसे में अब तक लखनऊ क्षेत्र में ही 50 लाख रुपए की चोट डग्गेमार रोडवेज को दे चुके हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार डग्गामार बसें जो ऑनलाइन सुविधा दे रही है, इसकी सूचना साइबर क्राइम सेल को भी भेजी जा चुकी है। लेकिन अब तक इनके खिलाफ भी कोई एक्शन नहीं लिया जा सका है।

कोट परिवहन निगम के सर्वर में बदलाव किया जा रहा है। ऐसे में ऑनलाइन सेवा प्रभावित हुई है। उम्मीद है कि पांच फरवरी से से ऑनलाइन व्यवस्था फिर से शुरू हो जाएगी।

पल्लव बोस, क्षेत्रीय प्रबंधक लखनऊ, परिवहन निगम

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