बरेली: मुनाफे के ट्रैक पर दौड़ रही किसान रेल
बरेली, अमृत विचार। बीते साल कोरोना से ट्रेनों की रफ्तार थमी तो इसका सीधा असर रेलवे को होने वाली आय पर पड़ा था, लेकिन इस बार ट्रेनों का संचालन पूरे जोर के साथ किया जा रहा है। लिहाजा, पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल की आय में इजाफा होने लगा है। यात्री ट्रेनों के संचालन के …
बरेली, अमृत विचार। बीते साल कोरोना से ट्रेनों की रफ्तार थमी तो इसका सीधा असर रेलवे को होने वाली आय पर पड़ा था, लेकिन इस बार ट्रेनों का संचालन पूरे जोर के साथ किया जा रहा है। लिहाजा, पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल की आय में इजाफा होने लगा है। यात्री ट्रेनों के संचालन के साथ माल लदान को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। खास तौर से किसान रेल मंडल को मालामाल बना रही है। चालू वित्तीय वर्ष में बीते साल के मुकाबले इस साल माल लदान में वृद्धि हुई है।
मंडल रेल प्रबंधक आशुतोष पंत ने बताया कि इज्जतनगर मंडल 85 स्टेशनों के माध्यम से यात्रियों को सुरक्षित, संरक्षित और आरामदायक रेल परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में जुटा है। डीआरएम ने बताया कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में माह दिसंबर 2021 तक मंडल का कुल लदान अब तक का सर्वाधिक 1.027 मिलियन टन रहा, जो बीते साल के मुकाबले 12.2 प्रतिशत अधिक है। इज्जतनगर मंडल ने दिसंबर, 2021 तक कुल 739 रेकों के लदान से 1 अरब 29 करोड़ 08 लाख की आय अर्जित की है, जबकि पार्सल यातायात से माह दिसंबर तक 327.68 लाख का रेल राजस्व प्राप्त हुआ है।
वहीं, बीते साल इसी अवधि में 112.14 लाख की आय हुई थी। पूर्वोत्तर रेलवे में पहली बार मंडल के फर्रुखाबाद स्टेशन से 15 सितंबर 2021 को पहली किसान रेल असम के विहारा तक चलाई गई। तब से लेकर अब तक इज्जतनगर मंडल से 24 किसान रेल चलाई जा चुकी हैं, जिनके माध्यम से क्षेत्रीय किसान अपना आलू पूर्वोत्तर राज्यों को पहुंचा रहे हैं। किसान रेल से अब तक इज्जतनगर मंडल को कुल 305.48 लाख का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस वित्त वर्ष में बीसलपुर रेलवे स्टेशन के माल लदान के खुलने के बाद से कोयले के 15 रेकों की अनलोडिंग की जा चुकी है। साथ ही पीलीभीत और भोपतपुर स्टेशनों पर माल लदान की सुविधा उपलब्ध हो जाने से मंडल पर लदान में काफी बढ़ोतरी हुई है।
