बरेली: हांफने लगी सिंगल स्टेज व्यवस्था, समय से उठान मुश्किल
बरेली,अमृत विचार। खाद्यान माफिया पर लगाम कसने और कालाबाजारी रोकने के लिए नवंबर 2021 में सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था की शुरूआत की गई थी। दावा किया गया कि इस व्यवस्था के शुरू होने से कोटेदारों तक पूरा खाद्यान्न पहुंचेगा जिसका फायदा कार्ड धारकों को मिलेगा। इससे पहले दो स्तरीय परिवहन हैंडलिंग व्यवस्था के …
बरेली,अमृत विचार। खाद्यान माफिया पर लगाम कसने और कालाबाजारी रोकने के लिए नवंबर 2021 में सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था की शुरूआत की गई थी। दावा किया गया कि इस व्यवस्था के शुरू होने से कोटेदारों तक पूरा खाद्यान्न पहुंचेगा जिसका फायदा कार्ड धारकों को मिलेगा।
इससे पहले दो स्तरीय परिवहन हैंडलिंग व्यवस्था के तहत डिपो से गोदाम और फिर गोदाम से कोटेदारों को खाद्यान्न दिया जाता था। व्यवस्था शुरू तो हो गई लेकिन तीन महीने बीतने के बावजूद संबंधित विभाग धरातल पर सही ढंग से इसका क्रियान्वयन नहीं कर पाए हैं। नतीजा यह हुआ कि कोटेदारों को समय से आपूर्ति नहीं होती और फिर कार्ड धारकों को भी देरी से खाद्यान मिलता है।
जिले में खाद्यान का वितरण शुरू हो चुका है लेकिन शुक्रवार दोपहर तक महज 53 फीसद के आसपास ही खाद्यान का उठान सिंगल स्टेज के व्यवस्था के तहत हो पाया था। शहर और देहात मिलाकर 1800 से अधिक राशन दुकानदार हैं।
लेकिन इन कोटेदारों तक समय से खाद्यान नहीं पहुंचने के कारण कार्ड धारक विक्रेता से सवाल जवाब करते हैं। जिले भर में खाद्य एवं विपणन विभाग के करीब 6 ठेकेदार भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से कोटेदारों तक बड़े वाहनों से खाद्यान कोटेदारों तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
बीच में ठेकेदारों द्वारा पर्याप्त मात्रा में वाहन नहीं लगाने की बात भी सामने आई थी जिसकी वजह से खाद्यान कोटेदारों तक पहुंचने में देरी होती है। तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा इस मामले में ठेकेदारों को फटकार भी लगाई गई थी। पूर्ति विभाग द्वारा भी आए दिन खाद्यान पहुंचने में देरी पर ठेकेदारों को जिम्मेदार ठहराया जाता है।
लेकिन संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी राममूर्ति वर्मा का कहना है कि ठेकेदारों के पास पर्याप्त मात्रा में वाहन हैं। इस महीने कोटेदारों तक खाद्यान पहुंचने में हुई देरी के लिए उन्होंने बारिश को जिम्मेदार ठहराया।
सिंगल स्टेज में भी डबल परिवहन
जिस सिंगल स्टेज व्यवस्था को लागू करते वक्त कहा गया कि भारतीय खाद्यान निगम के गोदाम से सीधा कोटेदार तक खाद्यान पहुंचेगा उसमें शुरू से लेकर अब तक डबल परिवहन ही दिखाई दिया। दरअसल जिन बड़े ट्रकों से कई कोटेदारों तक एक साथ खाद्यान पहुंचाया जाता उसे ठेकेदार किसी चौड़ी सड़क तक ही ड्राइवर लेकर जाते हैं।
जिसके बाद कोटेदार छोटे वाहन के जरिए खाद्यान को गलियों में मौजूद दुकानों तक ले जाते हैं। ऐसे में उठान के लिए डबल परिवहन होता है, इसलिए यह व्यवस्था केवल नाम के लिए सिंगल स्टेज रह जाती है।
उधर खाद्य विपणन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक शासानादेश में साफ कहा गया था कि कोटेदार अपनी दुकानों को गलियों से हटाकर चौड़ी सड़कों या हाइवे पर लेकर आएंगे। लेकिन कोटेदारों ने ऐसा नहीं किया जिसकी वजह से डबल परिवहन होता है।
वाहनों की कमी जैसी कोई बात नहीं है। ठेकेदारों ने पर्याप्त मात्रा में वाहन लगाए हैं। पिछले दो तीन दिन से हो रही बारिश के कारण खाद्यान का उठान प्रभावित हुआ है। समय से उठान संपूर्ण कराने के लिए ठेकेदारों को निर्देशित किया गया है।
—राममूर्ति वर्मा, संभागीय खाद्य विपणन अधिकारी
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