एक लाख का ईनामी डकैत गब्बर सिंह अपने साथी संग लखनऊ से गिरफ्तार
लखनऊ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बहराइच के एक लाख रुपये के ईनामी डकैत जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र प्रताप उर्फ गब्बर सिंह को उसके साथी मनीष जायसवाल के साथ लखनऊ के पीजीआई हॉस्पिटल के पास से गिरफ्तार किया है। बहराइच के माखी गांव का रहने वाला है गब्बर देवेंद्र प्रताप बहराइच …
लखनऊ। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बहराइच के एक लाख रुपये के ईनामी डकैत जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र प्रताप उर्फ गब्बर सिंह को उसके साथी मनीष जायसवाल के साथ लखनऊ के पीजीआई हॉस्पिटल के पास से गिरफ्तार किया है।
बहराइच के माखी गांव का रहने वाला है गब्बर
देवेंद्र प्रताप बहराइच के पयागपुरा थानांतर्गत मोहनापुर माखी गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ फैजाबाद, गोंडा, सुल्तानपुर, लखनऊ , बहराइच आदि जिलों में लूट, डकैती, जमीन कब्जा, रंगदारी समेत 14 संगीन मामले दर्ज हैं। जबकि उसका साथी 25 हजार का ईनामी मनीष जायसवाल दक्षिणी बहराइच के कानूनगोपुरा का निवासी है।
पीजीआई अस्पताल के पास पुलिस ने किया गिरफ्तार
यूपी एसटीएफ की ओर से बताया गया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि देवेंद्र और उसका साथ मनीष किसी काम से लखनऊ में पीजीआई हॉस्पिटल आने वाले हैं। इस आशय विशेष टीम गठित कर छापेमारी कर दोनों को पीजीआई हॉस्पिटल के पास से ही गिरफ्तार कर लिया गया। संभवत: देवेंद्र अपना इलाज कराने के लिए आया हुआ था। फिलहाल उसे नगर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया गया है।
लूट व डकैती के पांच मामले विचाराधीन
एसटीएफ की ओर से बताया गया कि देवेंद्र के खिलाफ लूट एवं डकैती के पांच मामले अभी भी न्यायालय में विचाराधीन हैं। जबकि अपहरण, अवैध कब्जा और रंगदारी के आठ मामलों में वह वांछित चल रहा है। वहीं अयोध्या में देवेंद्र और मनीष ने साथ मिलकर जमीन अवैध कब्जा करने के कई मामलों को अंजाम दिया है।
सीएम के कार्यक्रम में जबरन स्टेज पर चढ़ने के बाद बढ़ गईं मुश्किलें
ज्ञात हो कि गत 27 मार्च 2020 को बहराइच में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के एक कार्यक्रम के दौरान देवेंद्र प्रताप ने जबरन स्टेज पर चढ़ने का प्रयास किया था। मना करने पर उसने पुलिस के साथ अभद्रता भी की थी। इस मामले के बाद से ही देवेंद्र के लिए मुश्किलें बढ़ गईं।
दरअसल पूर्व में उसपर 50 हजार का ईनाम घोषित था। पर इस मामले के बाद गोरखपुर एडीजी अखिल कुमार ने ईनामी राशि को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख कर दिया। गब्बर को पकड़ने के लिए गठित टीमों की संख्या चार से बढ़ाकर आठ कर दी थी।
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