Up election: अखिलेश ने चुनाव आयोग से की आगरा के अफसरों की शिकायत

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Edited By Amrit Vichar
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आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पोस्टल बैलेट से मतदान में कथित धांधली के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मची हुई है। अखिलेश ने चुनाव आयोग से इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बीच …

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में पोस्टल बैलेट से मतदान में कथित धांधली के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मची हुई है।

अखिलेश ने चुनाव आयोग से इस मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इस बीच जिलाधिकारी प्रभु एन. सिंह ने क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर और प्रेक्षक द्वारा प्रस्तुत आख्याओं के आधार पर मामले को झूठा बताया है।

दरअसल, जिले में 80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्ग और दिव्यांग श्रेणी के 884 मतदाताओं की डाक मतपत्र से मतदान प्रक्रिया रविवार से शुरू हुई। फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र में 148 बुजुर्ग और दिव्यांग मतदाताओं के मत बैलेट पेपर से डलवाने के लिए दस पार्टियां मंडी समिति से रवाना हुई थीं।

अखिलेश ने अधिकारियों की निष्पक्षता पर उठाए सवाल

इसमें जगराजपुर में एक टीम 11 मतदाताओं का मतदान कराने के लिए पहुंची थी। वहां दिव्यांग सुरेंद्र सिंह ने टीम पर एक राजनीतिक पार्टी के पक्ष में वोट डाल लेने का आरोप लगाया। इसे लेकर गांववाले हंगामा करने लगे थे। सपा अध्यक्ष ने सोमवार को ट्वीट कर आयोग से प्रसाशानिक अधिकारी को निलंबित करने की शिकायत दर्ज कराई। अखिलेश ने इस मामले पर प्रशासन के अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।

श्री अखिलेश यादव ने ट्वीट किया कि यह बेहद गंभीर मामला है। चुनाव आयोग से अपेक्षा है कि ऐसे अधिकारियों को चिन्हित कर के तुरंत सस्पेंड किया जाए। श्री यादव ने लिखा कि सपा-गठबंधन के सभी समर्थक और कार्यकर्ता वोटिंग के समय पूरी निगरानी रखें।

उपजिलाधिकारी ने आरोपों को बताया निराधार

इस मामले में एसडीएम फतेहाबाद जेपी पांडेय का कहना है कि जगराजपुर में मतदाताओं की शिकायत की सूचना पर वह खंड विकास अधिकारी मंगल यादव और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों को समझाकर शांत कराया। उपजिलाधिकारी ने बताया कि दिव्यांग ने अपना मत अपने हाथ से डाला है। पूरे मतदान की वीडियोग्राफी कराई गई। आरोप पूरी तरह निराधार हैं।

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