यूपी चुनाव: भाजपा उम्मीदवार डॉ. संजय सिंह ने अमेठी से भरा पर्चा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

अमेठी। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह ने अमेठी विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया। डॉ. संजय सिंह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और वीपी सिंह की कैबिनेट में मंत्री रह चुके है। वर्ष 1985 के चुनाव में उन्होंने 98.29 प्रतिशत वोट पाकर इतिहास रच दिया …

अमेठी। पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजय सिंह ने अमेठी विधानसभा से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के टिकट पर अपना नामांकन दाखिल कर दिया। डॉ. संजय सिंह पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, राजीव गांधी और वीपी सिंह की कैबिनेट में मंत्री रह चुके है। वर्ष 1985 के चुनाव में उन्होंने 98.29 प्रतिशत वोट पाकर इतिहास रच दिया था। अब 33 साल बाद वह फिर अमेठी से विधानसभा चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र संजय गांधी के साथ राजनीतिक यात्रा शुरू कर डॉ. संजय 1980 में पहली बार विधानसभा में पहुंचे थे। इसके बाद वह मंत्री भी बने। श्री संजय गांधी उनके सबसे गहरे मित्र रहे। नामांकन के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकारों की योजनाओं का सफल बनाना उनका पहला उद्देश्य है। अमेठी को अपराध, उगाही और भ्रष्टाचार से मुक्त कराकर फिर से शांति का वातावरण स्थापित करेंगे।

नामांकन से पहले उन्होंने ददन सदन तिराहा अमेठी स्थित कार्यालय पर जनता का समर्थन मांगा। फिर वह सती महारानी मंदिर और मशहूर कवि मलिक मोहम्मद जायसी की मजार पर गए। उसके बाद वे सीधे कलेक्ट्रेट पहुंचे और नामांकन दाखिल कर दिया।
उनके साथ में अमिता सिंह समेत तमाम भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहे।

गौरतलब है कि अमेठी से 2017 में संजय सिंह की पहली पत्नी रानी गरिमा सिंह विधायक चुनी गईं। उन्होंने सपा नेता और सामूहिक दुष्कर्म की सजा भुगत रहे गायत्री प्रसाद प्रजापति को पांच हजार मतों से हराया था। इस बार सपा ने गायत्री की पत्नी महाराजी को प्रत्याशी बनाया है। उधर टिकट कटने से नाराज होकर भाजपा से किनारा करने वाले आशीष शुक्ला ने आज कांग्रेस के टिकट पर नामांकन दाखिल कर दिया। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा में निष्ठावान कार्यकर्ताओं की उपेक्षा होती है।

वर्ष 1985 के चुनाव में अमेठी में पड़े कुल एक लाख 26 हजार मत में से उन्हें एक लाख 24 हजार वोट मिले थे। यह आज भी पूरे देश में एक रिकॉर्ड है। वर्ष 1998 में भाजपा से ही अमेठी लोकसभा से सांसद रहे चुके हैं। वर्ष 2009 में सुलतानपुर से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा में पहुंचे। फिर 2014 से वह असम से राज्य सभा सांसद रहे। पीएम मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके गहरे राजनीतिक रिश्ते हैं। इसके चलते वह भाजपा में शामिल हो गए।

यह भी पढ़ें:- लखनऊ: बुजुर्ग, दिव्यांग व कोरोना संक्रमित घर से कर सकेंगे मतदान, कैनोपी की होगी व्यवस्था

संबंधित समाचार