पापों से मुक्ति व कष्टों के निवारण के लिए लिया जाता है जया एकादशी का व्रत
माघ शुक्ल एकादशी के दिन जया एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस बार 12 फरवरी को जया एकादशी मनाई जाएगी। इस व्रत को रखने से जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्त होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इसके अलावा इस व्रत के और भी कई प्रकार के कष्टों से छुटकारा मिलता …
माघ शुक्ल एकादशी के दिन जया एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस बार 12 फरवरी को जया एकादशी मनाई जाएगी। इस व्रत को रखने से जाने-अनजाने में किए गए पापों से मुक्त होते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
इसके अलावा इस व्रत के और भी कई प्रकार के कष्टों से छुटकारा मिलता है। जया एकादशी व्रत के दौरान भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। पंडित महेश चंद्र शास्त्री ने बताया कि शास्त्रों में एकादशी व्रत का बहुत बड़ा महत्व है।
उन्होंने बताया कि जया एकादशी और विजया एकादशी को सबसे महत्वपूर्ण व्रतों में गिना जाता है। जया-विजया एकादशी का व्रत करने के लिए सूर्योदय से पूर्व उठकर नहाने के पानी में गंगाजल डालकर स्नान किया जाता है। सूर्य को अर्घ्य देकर भगवान विष्णु-लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
जया एकादशी का शुभ मुहूर्त
इस साल जया एकादशी व्रत 12 फरवरी को है। व्रत के लिए शुभ मुहूर्त 11 फरवरी, शुक्रवार के दिन दोपहर 1:52 मिनट से शुरू हो जाएगा। एकादशी तिथि का समापन 12 फरवरी, शनिवार की शाम 4:27 मिनट पर होगा। हालांकि उदया तिथि 12 फरवरी, शनिवार के दिन है इसलिए इस दिन ही व्रत रखना अच्छा होगा। इसके अलावा जया एकादशी व्रत का समापन 13 फरवरी को रविवार सुबह 7:01 मिनट से 9:15 मिनट के बीच किया जा सकता है।
