यूक्रेन संकट: हंगरी नहीं देगा अधिक सेनाओं की तैनाती की अनुमति

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Edited By Amrit Vichar
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बुडापेस्ट। हंगरी अपने क्षेत्र में अतिरिक्त बलों की तैनाती की अनुमति नहीं देगा। ऐसा इसलिये कहा जा रहा है क्योंकि यूक्रेन के आसपास जारी तनाव के बीच राष्ट्रीय सेना राष्ट्रीय सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है और इसके मद्देनजर सेना की तैनाती की जा सकती है। विदेश मंत्री पीटर शिजार्तो ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने …

बुडापेस्ट। हंगरी अपने क्षेत्र में अतिरिक्त बलों की तैनाती की अनुमति नहीं देगा। ऐसा इसलिये कहा जा रहा है क्योंकि यूक्रेन के आसपास जारी तनाव के बीच राष्ट्रीय सेना राष्ट्रीय सुरक्षा प्रदान करने में सक्षम है और इसके मद्देनजर सेना की तैनाती की जा सकती है। विदेश मंत्री पीटर शिजार्तो ने इसकी जानकारी दी।

उन्होंने बुधवार को यूरोन्यज मीडिया संस्थान को बताया,“हम इसके लिये सहमत नहीं हैं और न ही होंगे क्योंकि नाटो की सेना पहले से ही देश में मौजूद है जो कि हंगेरियन सेना और सशस्त्र बल हैं। देश को सुरक्षा प्रदान करने में ये सक्षम और तैयार हैं इसलिये हमें अपने यहां अतिरिक्त बलों की कोई आवश्यकता नहीं है।” इस महीने की शुरुआत में अमेरिकी रक्षा विभाग के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा था कि यूक्रेन संकट के कारण वाॅशिंगटन पूर्वी यूरोप में अस्थायी रूप से अतिरिक्त अमेरिकी सैनिकों की तैनात करेगा।

विशेष रूप से, देश में पहले से मौजूद 900 अमेरिकी सैनिकों में शामिल होने के लिए 1,000 सदस्यीय स्क्वाड्रन जर्मनी से रोमानिया ले जाया जाएगा। मंगलवार को तैनात होने के संदर्भ में पहले 100 अमेरिकी सैनिक पहले ही रोमानिया पहुंच चुके हैं। अन्य 1,700 सैनिक पोलैंड में तैनात होने वाले हैं। इस बीच, माॅस्को ने यूक्रेन पर आक्रमण करने के पश्चिमी देशों द्वारा लगाये जा रहे आरोपों को खारिज कर दिया है।

रूस का कहना है कि कीव की योजना इस संघर्ष की आड़ में डोनबास के अलग हुये क्षेत्र में मिन्स्क समझौते को तोड़फोड़ करने की है। इसके अलावा, रूस ने अपनी सीमाओं के पास नाटो की गतिविधियों और पश्चिमी देशों द्वारा यूक्रेन को सैन्य सहायता दिये जाने को लेकर चिंता व्यक्त की है, जिसे वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानता है।

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