उन्नाव केस: पोस्टमार्टम में दलित युवती के साथ दरिंदगी का खुलासा, गला दबाकर मारने की पुष्टि, सिर में चोट, गले की हड्डी भी टूटी
उन्नाव। चुनाव माहौल के दौरान एक बार फिर से यूपी का उन्नाव इन दिनों चर्चाओं में आ चुका है। बीते दो महीनें से गायब 22 साल की युवती का शव मिलने के बाद यहां की सियासत अब एकदम बदल चुकी है। मृतका की मां ने सपा सरकार में राज्यमंत्री और सहकारी विभाग के चेयरमैन रहे …
उन्नाव। चुनाव माहौल के दौरान एक बार फिर से यूपी का उन्नाव इन दिनों चर्चाओं में आ चुका है। बीते दो महीनें से गायब 22 साल की युवती का शव मिलने के बाद यहां की सियासत अब एकदम बदल चुकी है। मृतका की मां ने सपा सरकार में राज्यमंत्री और सहकारी विभाग के चेयरमैन रहे स्व. फतेहबहादुर के बेटे राजू सिंह पर बेटी के अपहरण का आरोप लगाया था।
इतना ही नहीं युवती का शव भी पूर्व मंत्री के बेटे के आश्रम के पास से किया गया है। जब शव का पोस्टमार्टम कराया गया तो उसके साथ हुई दरिंदगी का भी खुलासा हो गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवती का गला दबने की वजह से मौत होने की बात सामने आई है। इतना ही नहीं, गर्दन की हड्डी भी टूटी मिली है और सिर में भी दो घाव के निशान हैं। लड़की का पोस्टमार्टम तीन डॉक्टरों के एक पैनल ने किया है।
एसएचओ को भी कर दिया गया निलंबित
एक ओर जहां दलित युवती के साथ दरिंदगी का खुलासा हुआ तो वहीं, इससे पहले जांच में कथित ढिलाई के लिए इलाके के थाना प्रभारी (एसएचओ) को निलंबित कर दिया गया है। इसी के साथ एफआईआर में गुमशुदगी के साथ ही हत्या की धाराएं बढ़ाई गई है। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद दलित लड़की के शव का अभी तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका है। परिजन कई मांगो को लेकर घाट पर बैठे हैं। मौके पर शव के साथ में कई पार्टियों के राजनेता और भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है।
क्या था पूरा मामला एक नजर में
दरअसल, उन्राव के कांशीराम कालोनी के रहने वाले मुकेश की 22 वर्षीय बेटी पूजा बीते आठ दिसंबर 2021 को अचानक से लापता हो गई थी। पूजा की मां रीता ने पूर्व राज्यमंत्री दिवंगत फतेह बहादुर सिंह के बेटे कल्याणी देवी इलाके के रहने वाले अरुण कुमार उर्फ रजोल सिंह पर बेटी को अगवा करने का आरोप लगाया था। मगर पुलिस ने केवल गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कर पूरे मामले को ऐसे ठंडे बस्ते में डाला कि दोबारा खुलने का नाम ही नहीं लिया। इसी बात को लेकर वहां के एसएचओ को निलंबित भी कर दिया गया है।
मामले में कार्रवाई नहीं तो आत्मदाह करने पहुंची मां
मामले में जब मृतिका की मां ने हार नहीं मानी तो आला अफसरों के आदेश पर गुमशुदगी के बाद 10 जनवरी को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई। यह रिपोर्ट पूर्व मंत्री के बेटे राजोल के खिलाफ दर्ज की गई थी। मगर पुलिस ने इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पूजा की मां ने 24 जनवरी को लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के काफिले के सामने आत्मदाह का प्रयास किया था। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ना शुरू कर दिया। पुलिस ने आरोपी राजोल को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
कॉल डिटेल खंगाली तो पता चला
राजोल की गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस कॉल डिटेल खंगाली तो पूजा व रजोल सिंह की नजदीकी की पुष्टि हुई। इसी दौरान पुलिस के हाथ हरदोई जिले के नयागांव मुबारकपुर के रहने वाले राजोल के दोस्त सूरज सिंह का नंबर हाथ लगा। इस पर पुलिस ने जब सूरज को उठाया तो उसने पूरी बात उगल दी। फिलहाल अब इस मामले ने एक सियासी रूप ले लिया है।
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