कानपुर: दो पेज के सुसाइड नोट में लिखा पांच वर्ष के तनाव का राज, हॉस्टल की छत से कूदकर छात्र ने की आत्महत्या
कानपुर। जौनपुर जिले के खेमापुर आशापुर निवासी रंजीत कुमार पुत्र अतिबल कल्याणपुर के हितकारी नगर पी. ब्लॉक में हॉस्टल में किराए पर रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। असफल होने पर उसने शुक्रवार को हॉस्टल की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। पुलिस को उसके दो पेज के सुसाइड नोट में पांच …
कानपुर। जौनपुर जिले के खेमापुर आशापुर निवासी रंजीत कुमार पुत्र अतिबल कल्याणपुर के हितकारी नगर पी. ब्लॉक में हॉस्टल में किराए पर रहकर नीट की तैयारी कर रहा था। असफल होने पर उसने शुक्रवार को हॉस्टल की तीसरी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। पुलिस को उसके दो पेज के सुसाइड नोट में पांच साल के तनाव का दर्द लिखा मिला है।
सुसाइड नोट में उसने लिखा है कि वह अपनी मौत का स्वयं जिम्मेदार है। किसी ने परेशान नहीं किया है। वह करीब पांच साल से तनाव में है। 2०-25 दिन बहुत ज्यादा तनाव बढ गया है। इसलिए वह मौत को गले लगा रहा है। किसी भी व्यक्ति को परेशान न किया जाए। मैं इस जीवन में बहुत घुटन महसूस कर रहा हूं। वह लिखता है कि वह बचपन से चांद-तारों को देखता और उसी के ध्यान में खोया रहता था कि कब चांद तारों के पास जाऊंगा और उनके बीच खेलूंगा।
सुंदर विचारों ने झकझोरी आत्मा
उसके विचार कितने सुंदर थे यह सुसाइड नोट बताता है। वह लिखता है कि वह जहर खाकर नहीं मरना चाहता। हो सकता है कि मेरे शरीर के अंग किसी का जीवन बचा सकें। डॉक्टर से निवेदन करता हूं कि अगर वह बचने लायक हो तो भी उसे न बचाया जाए, यदि उसे जीना होता तो ऐसा क्यों करता। अधिक पैसा खर्च करने को लेकर वह बड़े भाई से माफी मांगता है और तीनों भाइयों से मां का ध्यान रखने का निवेदन करता है। वह बौद्ध रीति रिवाज से अंतिम संस्कार की इच्छा जताता है।
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