न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री ने टीका विरोधी प्रदर्शन के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करने के संकेत दिए

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वेलिंगटन। न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी आदेशों का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारी ‘धमकी और दमन’ का सहारा ले रहे हैं। इस बीच, अधिकारी प्रदर्शनकारियों के काफिले के प्रति कठोर रुख अपनाते नजर आए, जिसने लगभग एक हफ्ते से राजधानी वेलिंगटन की सड़कों को …

वेलिंगटन। न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डर्न ने सोमवार को कहा कि कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम के लिए जारी आदेशों का विरोध करने वाले प्रदर्शनकारी ‘धमकी और दमन’ का सहारा ले रहे हैं। इस बीच, अधिकारी प्रदर्शनकारियों के काफिले के प्रति कठोर रुख अपनाते नजर आए, जिसने लगभग एक हफ्ते से राजधानी वेलिंगटन की सड़कों को बाधित कर रखा है।

पुलिस ने शुरुआत में प्रदर्शनकारियों को न्यूजीलैंड की संसद के बाहर सड़क पर टेंट और शिविर स्थापित करने दिए। लेकिन, बृहस्पतिवार को 122 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी के साथ उसने सख्त रुख अख्तियार कर लिया। इससे लोग पीछे हटने लगे। बीते हफ्ते प्रदर्शनकारियों की संख्या घट कर सैकड़ों में रह गई, लेकिन सप्ताहांत यह दोबारा बढ़कर 3,000 के पार चली गई।

संवाददाताओं से बतचीत में जेसिंडा ने प्रशासन के सब्र का बांध टूटने के संकेत दिए। उन्होंने कहा, ‘प्रदर्शनकारियों को लेकर मेरा एकदम स्पष्ट रुख है और जिस तरह से उन्होंने अपना विरोध जताया है, उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह मध्य वेलिंगटन के आसपास के लोगों को डराने और परेशान करने के दृष्टिकोण से कहीं आगे बढ़ चुका है।’ संसद के अध्यक्ष ट्रेवर मल्लार्ड ने पिछले हफ्ते मैदान में लगे फव्वारों को चालू करके और बैरी मनिलो के दशकों पुराने गाने बजा कर प्रदर्शनकारियों को असहज करने की कोशिश की थी।

पुलिस ने सोमवार को प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे अपने अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों को जल्द से जल्द हटाएं। प्रदर्शनकारियों को पास के स्टेडियम में वैकल्पिक पार्किंग की पेशकश की गई है। वेलिंगटन के जिला कमांडर, अधीक्षक कोरी पार्नेल ने कहा, ‘वेलिंगटन के लोगों को शहर के चारों ओर स्वतंत्र और सुरक्षित रूप से घूमने का अधिकार है, इसलिए सभी सड़कों को खाली कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है।’

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