केरल राज्य विद्यूत बोर्ड पर भ्रष्टाचार के आरोप, कांग्रेस ने की जांच की मांग

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 तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा के इसी सप्ताह शुरू होने जा रहे बजट सत्र से पहले बुधवार को विपक्षी कांग्रेस ने केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) लिमिटेड में करोड़ों रूपये के भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का आरोप लगाया तथा वाममोर्चा सरकार एवं मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से आरोपों पर सफाई मांगी। विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने …

 तिरुवनंतपुरम। केरल विधानसभा के इसी सप्ताह शुरू होने जा रहे बजट सत्र से पहले बुधवार को विपक्षी कांग्रेस ने केरल राज्य विद्युत बोर्ड (केएसईबी) लिमिटेड में करोड़ों रूपये के भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन का आरोप लगाया तथा वाममोर्चा सरकार एवं मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से आरोपों पर सफाई मांगी।

विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने आरोप लगाया कि बोर्ड विजयन सरकार के पहले कार्यकाल से ही, पांच सालों से भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। उन्होंने कहा कि वह विद्युत विनियामक आयोग की मंजूरी के बगैर ही तीन निजी कंपनियों से बिजली खरीद रहा है जिससे भारी घाटा हो रहा है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यालय से ही विभिन्न पहलों की निविदा जानकारियां लीक की गयीं और निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। वरिष्ठ कांग्रेस नेता के इस आरोप से एक दिन पहले ही केएसईबी के अध्यक्ष बी अशोक ने विजयन सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान इस सरकारी कंपनी में कदाचार एवं अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाये थे।

अशोक ने आरोप लगाया कि बोर्ड की कई एकड़ जमीन सत्तारूढ़ माकपा नियंत्रित सहकारी सोसायटियों को देने की कोशिश की गयी । अन्य विसंगतियों के भी आरोप लगाए गए जिससे विवाद खड़ा हो गया और पूर्व विद्युत मंत्री एम एम मणि ने सवाल किया कि क्या अध्यक्ष की प्रतिक्रिया से वर्तमान मंत्री के कृष्णाकुट्टी अवगत हैं।

अशोक ने केएसईबी के कर्मियों द्वारा ही कंपनी के निविदा ब्योरे लीक किए जाने का आरोप भी लगाया। सतीशन ने कहा कि चूंकि अध्यक्ष ने स्वयं ही खुलासा किया है कि बोर्ड में वित्तीय अनियमितताएं एवं कुप्रबंधन है तो सरकार को इन आरोपों की गंभीर जांच शुरू करने के लिए तैयार रहना चाहिए।

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