80 बनाम 20 का मतलब, हम 80 फीसदी सीटों पर जीतने जा रहे हैं: योगी

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झांसी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ध्रुवीकरण के प्रयास को लेकर विपक्ष के आरोपों को नकारते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनका 80 बनाम 20 कहने का आशय था कि 2017 के चुनाव की तरह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस बार भी 80 फीसदी सीटों पर जीत हासिल करने जा रही है जबकि …

झांसी। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में ध्रुवीकरण के प्रयास को लेकर विपक्ष के आरोपों को नकारते हुये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उनका 80 बनाम 20 कहने का आशय था कि 2017 के चुनाव की तरह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इस बार भी 80 फीसदी सीटों पर जीत हासिल करने जा रही है जबकि विपक्ष 20 फीसदी सीटों पर सिमट जायेगा।

बीजेपी ने अपने शासनकाल में सबसे ज्यादा दी नौकरी

योगी ने बुधवार को यहां एक संगोष्ठी में कहा कि मैं चुनाव का ध्रुवीकरण नहीं कर रहा हूं। 80 बनाम 20 कहने का मेरा मतलब था कि 80 फ़ीसदी सीट हमारी पिछले चुनाव में थी और इस चुनाव में भी यही स्थिति होगी। उन्होने कहा कि पिछले 14 साल में समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शासनकाल में जितनी नौकरी मिली, उससे कहीं ज़्यादा भाजपा सरकार ने पिछले पांच साल में दी हैं। जिन पाँच लाख लोगों को हमने नौकरी दी, उनमें से सबके नाम के साथ हमारे पास सूची है।

कोरोनाकाल में भी हमारे काम की गति पर नहीं पड़ा असर…

कोई ऐसा काम नहीं है जो अधूरा रह गया हो। कोरोना भी हमारी काम करने की गति को नहीं रोक पाया। हमने दिन रात काम किया, इसलिए हमारे सभी वादे हम पूरा कर पाए। ये काम हम तब कर पाए जब हमने इसे अपनी ज़िम्मेदारी को समझा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने देश को इतने दर्द दिए हैं कि जनता उसे कभी माफ़ नहीं करेगी। कांग्रेस ने भ्रष्टाचार दिया तो सपा-बसपा ने मफ़ियाबाद दिया। इतिहास इन्हें कभी माफ़ नहीं करेगा। उन्होने दावा किया कि अगले पांच साल में उत्तर प्रदेश से पलायन पूरी तरह रुक जाएगा।

पांच साल में पांच गुनी बढ़ी महिला पुलिसकर्मियों की संख्या

हम इतना काम यहाँ देंगे कि काम के लिए किसी को बाहर नहीं जाना पड़ेगा। कामगारों की स्किल मैपिंग करके हम काम दे रहे है। इस पर स्टडी कराकर हमने रोज़गार की कार्ययोजना बनायी है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) अध्यक्ष शिवपाल यादव के सपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होने कहा  कि बेचारे शिवपाल अब क्या करें।

वह ख़ुद को राजनीतिक रूप से समाप्त करने का सबसे बड़ा उदाहरण बन कर उभरे है। उन्होने कहा कि पाँच साल में महिला पुलिस कर्मियों की संख्या पाँच गुना बढ़ी है और उन्हें पुलिस महकमे के ज़रूरी दायित्व भी अब दिए जा रहे हैं।

उन्होने कहा कि पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग तब होती थी, जब क्षेत्र में विकास कार्य क्षेत्र अधूरे रहते थे लेकिन अब इस तरह की माँग विकास को किसी ना किसी रूप में बाधित कर सकती है।

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