पीलीभीत: सफाई कर्मचारी की मौत के बाद कर्मचारियों ने किया हंगामा
पीलीभीत, अमृत विचार। न्यूरिया बाईपास पर होने वाले जागरूकता कार्यक्रम के लिए लगाए गए सफाई कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। इसके बाद एकत्र कर्मचारियों ने अव्यवस्था हावी होने का आरोप लगाते हुए हंगाामा कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को जिला …
पीलीभीत, अमृत विचार। न्यूरिया बाईपास पर होने वाले जागरूकता कार्यक्रम के लिए लगाए गए सफाई कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। इसके बाद एकत्र कर्मचारियों ने अव्यवस्था हावी होने का आरोप लगाते हुए हंगाामा कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर तीन थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को जिला अस्पताल स्थित मोर्चरी में रखवा दिया गया। डीपीआरओ ने इसकी जानकारी जुटाई। मृतक के परिवार से बात कर नियमानुसार हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। घटना के चलते हड़कंप मचा रहा।
विधानसभा चुनाव को लेकर मतदान चौथे चरण में 23 फरवरी को होना है। प्रशासन की ओर से मतदान प्रतिशत बढ़ाने को तमाम तरह के जागरूकता के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में न्यूरिया बाईपास पर रंगोली का कार्यक्रम होना है। इसकी तैयारियां शुरू की जा चुकी है। गुरुवार को बाईपास की सफाई के लिए अमरिया ब्लॉक से 150 और मरौरी ब्लॉक से करीब 80 सफाईकर्मी लगाए गए थे। यह पूरनपुर रोड पर मीरापुर मोड़ से हाईवे किनारे दोनों तरफ झाड़ू लगाकर मिट्टी हटाते हुए पौटाखुर्द गांव तक पहुंच गए।
इस बीच सफाईकर्मी शहर के मोहल्ला कबीर खां निवासी 47 वर्षीय राजेंद्र कुमार की दोपहर करीब दो बजे अचानक तबीयत बिगड़ गई और मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद साथी कर्मचारी गुस्सा गए। उनका कहना था कि ब्लॉक से उनकी ड्यूटी तो अचानक लगा दी गई, लेकिन पानी तक के इंतजाम नहीं किए गए। धूप में भूखा-प्यासा रखकर उनसे काम कराया जाता रहा। इसे लेकर कर्मचारियों ने हंगाामा कर दिया। इसकी जानकारी अधिकारियों तक पहुंची तो खलबली मच गई।
सुनगढ़ी और न्यूरिया पुलिस को मौके पर भेजा गया। उधर, कोतवाली पुलिस को जिला अस्पताल में अलर्ट कर दिया। पुलिस के पहुंचने से पहले ही डीपीआरओ सुबोध जोशी ने घटनास्थल पर जाकर कर्मचारियों से बात की। जिसके बाद कर्मचारी शव लेकर जिला अस्पताल आ गए, जिसे मोर्चरी में रखवा दिया गया। पीछे से पुलिस ने पूरे मामले की जानकारी जुटाई। आक्रोशित कर्मचारियों ने ड्यूटी के नाम पर किए जा रहे उत्पीड़न को बंद करने और मृतक के परिवार वालों की हरंसंभव आर्थिक मदद करने की मांग की।
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