अमृत विचार अभियान : 15 वर्षों से सुलभ शौचालय बदहाल, सड़कें टूटीं

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मुरादाबाद/अमृत विचार। वार्ड छह अपनी बदहाली की दास्तां खुद बयां कर रहा है। चुनाव के दौरान पार्षद ने वादे तो कई किए, लेकिन जब बात उनको पूरा करने की आई तो मुंह मोड़ लिया। अब इसका खामियाजा यहां के लोगों को उठाना पड़ रहा है। दौलत बाग वाल्मीकि बस्ती में 15 वर्षों से सुलभ शौचालय …

मुरादाबाद/अमृत विचार। वार्ड छह अपनी बदहाली की दास्तां खुद बयां कर रहा है। चुनाव के दौरान पार्षद ने वादे तो कई किए, लेकिन जब बात उनको पूरा करने की आई तो मुंह मोड़ लिया। अब इसका खामियाजा यहां के लोगों को उठाना पड़ रहा है। दौलत बाग वाल्मीकि बस्ती में 15 वर्षों से सुलभ शौचालय बदहाल पड़ा है। लोगों में बीमारियां फैलने का डर बना रहता है। उसके बाद भी जिम्मेदार बेखबर हैं। यहां पर सीवरेज लाइन बिछने के बाद से सड़कें जगह-जगह टूटी पड़ीं हैं, जिससे कई बार लोग चोटिल हो चुके हैं।

दौलत बाग वाल्मीकि बस्ती में सीवर लाइन पड़ने के बाद टूटी सड़क।

वहीं, नाले-नालियों की सफाई न होने से थोड़ी बरसात में ओवरफ्लो होकर सड़कों पर जलभराव होने लगता है। कई बार क्षेत्रवासियों ने इसकी शिकायत भी, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया।  सबसे बुरा हाल बंगला गांव का है। यहां तो सफाई कर्मचारी ही नहीं आते। ऐसे में लोगों को घर के आगे खुद सफाई करनी पड़ती है। जबकि कुछ नालियां ऐसी भी हैं, जो महीनों से सफाई नहीं होने के कारण जाम हैं। वार्ड में टूटीं सड़कें और ओवरफ्लो नालियां वार्ड की पहचान बनती जा रही हैं।

वार्ड की आबादी 14-15 हजार
वार्ड छह अंतर्गत बंगला गांव, जाटव बस्ती वाल्मीकि बस्ती, दसवा घाट आते हैं। वार्ड की आबादी 14-15 हजार है और छह से सात हजार मतदाता हैं।

दुरुस्त कराई जाएगी सड़क
बोर्ड की बैठक में भी इन समस्याओं को उठाया गया था। जल निगम द्वारा सीवरेज का काम किया जा रहा है। इस बारे में अधिकारियों से कहा, लेकिन उनके द्वारा सड़कों की मरम्मत नहीं कराई गई है। सीवरेज के चेंबर का काम होने के बाद सड़कों को दोबारा बनवाने के लिए प्रस्ताव भेजा है। जल्द सड़क दुरुस्त कराई जाएगी। बाकी साफ-सफाई नियमित कराई जाती है। कई नलकूप लगवाएं हैं। -विनय रजौरिया, पार्षद, वार्ड छह

पींचू कुमार ने बताया कि नालियां चोक होने के कारण बरसात के दिनों में मोहल्ले के घरों के आगे गंदा पानी भर जाता है। जिससे हम लोगों को काफी समस्या होती है। स्थानीय पार्षद को कई बार समस्या से अवगत कराया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।

मुन्नी का कहना है कि 15 वर्षों से सुलभ शौचालय जर्जर है। इससे लोगों को बीमारियां होने का डर बना रहता है। न तो साफ-सफाई होती और न ही कोई झांकने आता है। फिलहाल संबंधित विभाग को इस पर ध्यान देना चाहिए।

कैलाश चंद कहते हैं कि सीवरेज लाइन बिछने के बाद से सड़कें टूटी पड़ी हैं। कई बार लोग भी चोटिल हो चुके हैं। सड़क नीची होने से नालियां का पानी घर में घुस जाता है। कई बार समस्या के बारे में पार्षद से गुहार लगाई, लेकिन हल न निकला।

कमलेश ने बताया कि क्षेत्र में नियमित सफाईकर्मी नहीं आते हैं। जिससे हम लोगों को गंदगी का सामना करना पड़ता है। उसके बाद किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं है। कई बार समस्याओं के बारे में बताया जा चुका है।

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