यूक्रेन के विद्रोहियों के साथ संबंध मजबूत करने के लिए रूस ने बढ़ाया कदम
मास्को। रूस ने यूक्रेन में विद्रोहियों के क्षेत्रों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए मंगलवार को तेजी से कदम बढ़ाया। दरअसल, मास्को ने एक विधेयक के जरिये उनकी स्वतंत्रता को मान्यता दे कर वहां सैनिकों की तैनाती का मार्ग प्रशस्त कर दिया है, जिससे पश्चिमी देशों के लिए एक चुनौती पैदा हो गई है। …
मास्को। रूस ने यूक्रेन में विद्रोहियों के क्षेत्रों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए मंगलवार को तेजी से कदम बढ़ाया। दरअसल, मास्को ने एक विधेयक के जरिये उनकी स्वतंत्रता को मान्यता दे कर वहां सैनिकों की तैनाती का मार्ग प्रशस्त कर दिया है, जिससे पश्चिमी देशों के लिए एक चुनौती पैदा हो गई है। पश्चिमी देश, रूस के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा करने की तैयारी कर रहे हैं।
नये रूसी विधेयकों पर क्रेमलिन (रूसी राष्ट्रपति कार्यालय) नियंत्रित संसद द्वारा शीघ्रता से मुहर लगाये जाने की संभावना है। ये विधेयक रूसी सैनिकों को यू्क्रेन के कहीं अधिक अंदर तक घुसने का मंच तैयार कर सकते हैं, जैसा कि अमेरिका और इसके सहयोगी देशों को अंदेशा है। बख्तरबंद वाहनों के काफिले को अलगाववादियों के कब्जे वाले क्षेत्रों से गुजरते देखा गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वे रूसी ही थे।
विद्रोहियों के क्षेत्रों को मान्यता देने के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का सोमवार का फैसला अलगाववादियों के करीब आठ साल के संघर्ष के बाद आया है, जिसमें 14,000 से अधिक लोग मारे गये और यूक्रेन का पूर्वी औद्योगिक क्षेत्र दोनबास तबाह हो गया।
यू्क्रेन के राष्ट्रपति वोलोदीमीर जेलेंस्की ने संयम दिखाते हुए कहा, ”हम किसी से या किसी चीज से नहीं डर रहे हैं। हमने किसी का कुछ नहीं लिया है। और हम किसी को कुछ नहीं देंगे। ” इस बीच, अमेरिका ने त्वरित प्रतिक्रिया करते हुए अलगाववादियों के क्षेत्र में अमेरिकी निवेश एवं व्यापार पर रोक लगा दी है। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के देशों ने भी संकेत दिया है कि वे भी प्रतिबंधों की घोषणा करने की योजना बना रहे हैं।
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