यूक्रेन के हालात से सदमे में हरदोईवासी, एक छात्र व दो छात्राएं फंसीं, परिजनों की अटकी सांसें
हरदोई। रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग ने हरदोई को रात-रात भर जागने के लिए मजबूर कर दिया है। यूक्रेन में रहते हुए वहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहीं छात्राएं वैशाली और अपेक्षा के अलावा छात्र उज़ैफ रब्बानी के घर वाले वहां के हालातों से काफी डरे हुए हैं। यूक्रेन में फंसे लाडले और …
हरदोई। रूस और यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग ने हरदोई को रात-रात भर जागने के लिए मजबूर कर दिया है। यूक्रेन में रहते हुए वहां एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहीं छात्राएं वैशाली और अपेक्षा के अलावा छात्र उज़ैफ रब्बानी के घर वाले वहां के हालातों से काफी डरे हुए हैं। यूक्रेन में फंसे लाडले और दोनों लाडलियों की सलामती के दुआएं की जा रही है। वहीं मन्दिरों में प्रार्थनाएं हो रहीं हैं।
शहर के रेलवे गंज के डा.डीपी सिंह की बेटी अपेक्षा सिंह यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। पढ़ाई के बीच अचानक वहां के हालात खराब हो गए। रूस और यूक्रेन के बीच जंग छिड़ जाने से अपेक्षा वहीं फंस गई है। इसी तरह शहर के ही गिप्सन गंज के इफ्तिखार आलम का बेटा उज़ैफ रब्बानी यूक्रेन के खारकीव शहर में रहते हुए एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है।
रूस और यूक्रेन के बीच जंग छिड़ जाने की खबर ने उज़ैफ के घर वालों को बेहाल कर दिया। इसी तरह साण्डी के ब्लाक प्रमुख रह चुके महेन्द्र यादव की बेटी वैशाली जो कि तेरा पुरसौली की प्रधान भी है। वैशाली यूक्रेन में पढ़ाई करने गई थी। कुछ ही दिनों बाद उसे डिग्री मिलने वाली थी, लेकिन इसी बीच वह भी वहां के बिगड़े माहौल में फंस गई है। अपेक्षा सिंह,उज़ैर रब्बानी और वैशाली के घर वाले यूक्रेन के हालात को लेकर काफी हैरान है। हर कोई इनकी सलामती की दुआएं मांग रहा है। मन्दिरों में भी बराबर प्रार्थनाएं की जा रही है।
डिग्री ले कर आऊंगी या मर जाऊंगी
हरदोई। यूक्रेन में एमबीबीएस की पढ़ाई करने गई वैशाली को कुछ महीने बाद ही डिग्री मिलने वाली है। लेकिन वहां के जो हालात बनें हुए हैं, उससे लगता है कि वैशाली को डिग्री मिलने में काफी वक्त लग सकता है। अपने घर वालों से हुई बातचीत में वैशाली ने नपे-तुले लहजे में उनसे बोल दिया कि या तो यूक्रेन से डिग्री ले कर आएगी या फिर वही मर जाएगी। उसके इस लहजे ने घर वालों को बुज़दिल बना दिया है।
भारतीय दूतावास से मांगी रहम की भीख
हरदोई। यूक्रेन में फंसी एमबीबीएस की छात्रा वैशाली के घर वालों ने भारतीय दूतावास से रहम करो,रहम करो कहते हुए अपनी लाडली की ज़िंदगी की भीख मांगी है। पिता महेंद्र यादव का कहना है कि उन्होंने वैशाली के सारे दस्तावेज़ दूतावास के हवाले कर दिए हैं। पूरी उम्मीद है कि सरकार वहां फंसे लगभग 18 हज़ार भारतीयों को वापस लाने के लिए भरपूर कोशिश करेंगी।
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