यूक्रेन में फंसी छात्राओं के परिजन बोले- भगवान किसी तरह से मेरी बेटियां वापस आ जाएं
लखनऊ। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध शुरू हो चुका है, इसी बीच लखनऊ के विद्यार्थी भी वहां रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, मौजूदा हालतों को लेकर विद्यार्थियों के माता-पिता डरे हुए हैं, इस दहशत को लेकर अमृत विचार से विद्यार्थियों के माता पिता ने बातचीत की और यही कहा किसी तरह भगवान उनके बच्चों …
लखनऊ। यूक्रेन और रूस के बीच युद्ध शुरू हो चुका है, इसी बीच लखनऊ के विद्यार्थी भी वहां रहकर पढ़ाई कर रहे हैं, मौजूदा हालतों को लेकर विद्यार्थियों के माता-पिता डरे हुए हैं, इस दहशत को लेकर अमृत विचार से विद्यार्थियों के माता पिता ने बातचीत की और यही कहा किसी तरह भगवान उनके बच्चों को घर वापस भेज दे।
भगवान किसी तरह से मेरी बेटी वापस आ जाये
विकास नगर में रहने वाले गिरीश श्रीवास्तव ने बताया उनका बड़ा सपना है कि बेटी गीतिका श्रीवास्तव डॉक्टर बनकर देश का नाम रोशन करे। इसलिए यूक्रेन लवीज शहर में पढ़ाई के लिए उसको भेजा था वह एमबीबीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए मैं बहुत डरे हुए हैं। उन्होंने बताया कि पत्नी भी बहुत डरी हुई है, बस यही भगवान से कामना की जा रही है कि भारत सरकार किसी तरह से बेटी को वापस भारत लेकर आ जाये। उन्होंने बताया कि वह लगातार अपनी बेटी के संपर्क में बने हुए हैं, उन्होंने कहा 19 फरवरी को ही भारत के लिए निकली थी लेकिन वह नहीं इंस्तानबुल से बाहर नहीं निकल पा रही है।
बेटी की याद में नहीं आ रही नींद
राजाजीपुरम सेक्टर एफ निवासी पवन कुमार शर्मा ने बातचीत में कहा कि उनकी बेटी शालिनी शर्मा यूक्रेन में रहकर एमबीबीएस चतुर्थ वर्ष पढ़ाई कर रही है। लेकिन दोनो देशों के बीच छिड़े युद्ध के चलते वह दहशत में हैं, वह लगातार बेटी से संपर्क कर वहां के हालातों के बारे में पूछ रहे हैं, उन्होंने बताया कि भारतीय दूतावास की ओर से बेटी को मदद मिली है, लेकिन पत्नी मंजू देवी हर पल डरी हुई हैं। वहीं शालिनी की मां मंजू देवी ने भी फोन पर बताया कि बेटी की बहुत याद आ रही है, बस ये सोचकर डर लग रहा है कि कहीं कोई घटना न हो भगवान सुरक्षित उनकी बेटी को वापस घर भेज दे।
डरी सहमी ये बेटी पहुंची लखनऊ
रायबरेली रोड एल्डिको उद्यान 2 में रहने वाली रक्षा सचान ने बताया कि बीते सोमवार की रात एक बजे लवीज से ट्रेन का टिकट कराया, वहां का माहौल ठीक था। एयरपोर्ट पहुंचने में तीन घंटे लगे, करीब 12 बजे एयरपोर्ट पहुंची। एयरपोर्ट पर बहुत पूछताछ हुई। एयरपोर्ट का एयरबेस लड़ाकू विमानों से भरा हुआ था। वहां से मंगलवार को दोपहर 2.25 की फ्लाइट से दुबई आईं, दुबई से करीब पांच घंटे बाद रात 2.25 की फ्लाइट से जब लखनऊ पहुंची तब राहत की सांस ली।
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