पीलीभीत: शासन तक गूंजी अवैध शिकार की गूंज तो गार्डों को हटाया

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पीलीभीत, अमृत विचार। पीटीआर के जंगल में वन कर्मियों के द्वारा अवैध शिकार का मामला दिन पर दिन तूल पकड़ता जा रहा है। तीन दिन पहले शिकार से फॉरेस्ट गार्ड का बातचीत करते हुए ऑडियो वायरल हुआ था। जब ऑडियो वायरल होने के बाद मामला शासन तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। इस पर डिप्टी …

पीलीभीत, अमृत विचार। पीटीआर के जंगल में वन कर्मियों के द्वारा अवैध शिकार का मामला दिन पर दिन तूल पकड़ता जा रहा है। तीन दिन पहले शिकार से फॉरेस्ट गार्ड का बातचीत करते हुए ऑडियो वायरल हुआ था। जब ऑडियो वायरल होने के बाद मामला शासन तक पहुंचा तो हड़कंप मच गया। इस पर डिप्टी डायरेक्टर ने दो फॉरेस्ट गार्ड को महोफ रेंज से हटाकर उन्हें अटैच कर दिया। साथ ही इस मामले में डिप्टी डायरेक्टर ने स्वयं ही जांच शुरू कर दी है।

पीटीआर के महोफ रेंज में हो रहे अवैध शिकार और कटान के मामले में शुक्रवार को शिकारी और फॉरेस्ट गार्ड के साठगांठ करने से जुड़े कुछ ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। जिसमें यह स्पष्ट हो रहा है कि वन कर्मियों की मिलीभगत से जंगल के भीतर शिकार और कटान हो रहा है। मामला वायरल होने के बाद टाइगर रिजर्व कार्यालय में हड़कंप मच गया है। ऑडियो वायरल होने के बाद टाइगर रिजर्व की फजीहत बचाने के लिए डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन वायरल ऑडियो की गूंज जब शासन में पहुंची तो हड़कंप मच गया।

इस पर आनन-फानन में सोमवार को ऑडियो में शामिल फॉरेस्ट गार्ड दीपक कुमार और मंगली प्रसाद को महोफ रेंज बीट से हटाकर उन्हें मुख्यालय के कार्यालय से अटैच कर दिया। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने बताया कि इस प्रकरण की स्वयं ही जांच कर रहे हैं। दो फॉरेस्ट गार्ड को बीट से हटा दिया गया है। मामले की गहनता से जांच कराई जा रही है। अगर अन्य कर्मचारी भी दोषी मिलते तो कार्रवाई की जाएगी।

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