गौतम बुद्ध नगर: 5 साल में बदली गांव में शौचालय बनाने की नीति, RTI अधिकारी को जवाब देने में प्राधिकरण को लगे एक साल
गौतम बुद्ध नगर। नोएडा प्राधिकरण अधिकारी ने गांव और शहर में विकास को लेकर बताये बड़े फर्क। अधिकारी RTI के जवाब में लिख रहे हैं। 5 साल पहले नोएडा प्राधिकरण ने जिन गांवों में शौचालय बनाने से इनकार की बात लिखी थी, नीति नहीं होने का हवाला दिया था। 5 साल बाद फरवरी 2022 में …
गौतम बुद्ध नगर। नोएडा प्राधिकरण अधिकारी ने गांव और शहर में विकास को लेकर बताये बड़े फर्क। अधिकारी RTI के जवाब में लिख रहे हैं। 5 साल पहले नोएडा प्राधिकरण ने जिन गांवों में शौचालय बनाने से इनकार की बात लिखी थी, नीति नहीं होने का हवाला दिया था। 5 साल बाद फरवरी 2022 में प्राधिकरण ने गांव में शौचालय बनाने की बात एक RTI के जवाब में लिखी है। इस पर RTI को जवाब देने में प्राधिकरण को एक साल लग गए। नोएडा के विलेज रेजिडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजन तोमर ने बताया, फरवरी 2022 को प्राधिकरण ने RTI का जवाब दिया कि वह गांव में शौचालय का निर्माण करवाता है, मगर यह जवाब एक साल बाद दिया गया है। जबकि RTI मार्च 2021 में लगाई थी। उन्होंने कहा, प्राधिकरण को एक माह में जवाब देना था, लेकिन RTI नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है।
विज्ञापन का स्कोप नहीं होने पर, नहीं बन पायें शौचालय
गांव में शौचालयों का निर्माण कराने का आग्रह किया गया तो प्राधिकरण ने लिखित में नोवरा को जवाब दिया था कि गांव में शौचालय का निर्माण नहीं कराया जा सकता है। वहां विज्ञापन का स्कोप नहीं है। प्राधिकरण द्वारा निर्मित शौचालय बीओटी के आधार पर बनाया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2017 में स्वच्छ भारत अभियान में जब देश भर में शौचालय का निर्माण कराया जा रहा था। उस समय गांवों में सबसे ज्यादा खुले में शौच की समस्या थी, लेकिन प्राधिकरण शहर में ही शौचालय बना रहा था।
नीति बदली और बन गए शौचालय
RTI में नोएडा के गांव के 500 मीटर की परिधि में कितने शौचालयों का निर्माण प्राधिकरण ने किया है, इसका जवाब जन स्वास्थ्य खंड 2 से मिला है कि कुल 5 यूरिनल ब्लॉक गांव के नजदीक बनाए गए हैं, जबकि 24 सार्वजनिक शौचालय गांव से 500 मीटर की परिधि में बनाए गए हैं। अभी पूरे शहर की जानकारी नहीं दी है।
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