सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले चालक किए गए बाहर
लखनऊ। जब सिटी बस प्रबंधन को पता चला कि तीन दर्जन चालक मानकों की अनदेखी कर शहर में इलेक्ट्रिक बस चला रह हैं, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। सिटी बस प्रबंधन ने तत्काल ऐसे चालकों की जांच की और उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया। सिटी बस प्रबंधन के अधिकारियों के अनुसार यात्रियों के सुरक्षित …
लखनऊ। जब सिटी बस प्रबंधन को पता चला कि तीन दर्जन चालक मानकों की अनदेखी कर शहर में इलेक्ट्रिक बस चला रह हैं, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। सिटी बस प्रबंधन ने तत्काल ऐसे चालकों की जांच की और उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया। सिटी बस प्रबंधन के अधिकारियों के अनुसार यात्रियों के सुरक्षित सफर के लिए गाइडलाइन तैयार की गई है। इस गाइड लाइन पर तकरीबन तीन दर्जन चालक खरे नहीं उतर सके। इन चालकों के हटने से 20 इलेक्ट्रिक सिटी बसों के पहिए भी थम गए, जिसका खामियाजा यात्रियो को भुगतना पड़ रहा है।
चालकों की कमी के चलते यह बसें दुब्बगा डिपो में खड़ी कर दी गई हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ई-बसों के संचालन के लिए 51 चालकों की कमी है। इसके लिए सिटी ट्रांसपोर्ट के एमडी ने निजी कंपनी को नोटिस भेजकर चालकों की कमी को दूर करने को कहा है। बताते चले कि कानपुर की घटना के बाद नगरीय परिवहन निदेशालय ने गाइडलाइन जारी की थी, इसके तहत जांच में 35 से 40 चालक बाहर हो गए हैं।
बताते चले कि शहर के आधा दर्जन रूटाें पर इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा था। मानकों पर खरा न उतरने वाले चालकों को हटाने के बाद अब सिटी प्रबंधन के पास 109 चालक ही बचे हैं। इनके जरिए मात्र 38 बसें संचालित हो पा रही हैं। गोमतीनगर, गोसाईगंज, माल, मलिहाबाद, रहीमाबाद रूटों पर एक तिहाई बसें बंद हो गई हैं। इससे यात्रियों की परेशानी बढ़ी है।
तकरीबन तीन दर्जन चालकों को हटाया गया है। ऐसे में कई रूटों पर बसें नहीं जा पा रही हैं।जल्द ही चालकों की कमी पूरा कर बसों को रूट पर भेजा जाएगा। –पल्लव बोस, एमडी, सिटी बस प्रबंधन
