बहराइच: यूक्रेन से लौटे छात्र ने सुनाई आपबीती, कहा- धमाकों की आवाज से दहल उठता था दिल
बहराइच। यूक्रेन से जान बचाकर भारत लौटे श्रावस्ती जिले के कस्बा इकौना के शास्त्रीनगर निवासी एमबीबीएस छात्र यूक्रेन से अपने घर आ गए हैं। यूक्रेन में जो दर्द झेलने पड़े, उसके बारे में बताकर उनके आंख से आंसू निकलते लगते हैं। श्रावस्ती जिले के इकौना थाना क्षेत्र के मोहल्ला शास्त्रीनगर निवासी सद्दाम राईनी पुत्र इसरार …
बहराइच। यूक्रेन से जान बचाकर भारत लौटे श्रावस्ती जिले के कस्बा इकौना के शास्त्रीनगर निवासी एमबीबीएस छात्र यूक्रेन से अपने घर आ गए हैं। यूक्रेन में जो दर्द झेलने पड़े, उसके बारे में बताकर उनके आंख से आंसू निकलते लगते हैं।
श्रावस्ती जिले के इकौना थाना क्षेत्र के मोहल्ला शास्त्रीनगर निवासी सद्दाम राईनी पुत्र इसरार राईनी ने जो हालात बयां किए हैं, उसे सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे। यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई के लिए गए सद्दाम ने बताया कि इस समय वहां के हालात बेहद खराब है। यूक्रेन के सैनिकों ने उनकी आखों के सामने फायरिंग की। उन्हें करीब सात दिनों तक भूखा रहना पड़ा।
सद्दाम राईनी ने बताया कि सरकार के चलाए ऑपरेशन गंगा के जरिए भारत लौटे हैं। इसके लिए उन्होंने भारत सरकार को धन्यवाद दिया। घर वापसी से उनके घर में जश्न का माहौल है। इनके पिता इसरार अढाती का काम करते हैं सद्दाम राईनी ने यूक्रेन में एमबीबीएस में एडमिशन लिया था। अपने सपनों को उड़ान देने के लिए वो यूक्रेन में पढ़ने गए थे, लेकिन रूस के हमले ने सब कुछ बदल कर रख दिया।
यूक्रेन में लगातार बमबारी हो रही है
सद्दाम ने बताया कि यूक्रेन में लगातार बमबारी हो रही है। वहां पर बहुत ज्यादा दहशत है। ऐसे में सबसे बड़ी समस्या वहां से बॉर्डर पर पहुंचने की है। वह किसी तरह बस से रोमानिया बॉर्डर के लिए रवाना हुए, लेकिन बस ने बॉर्डर से 15 किलोमीटर दूर ही उन्हें उतार दिया। जिसके बाद पूरा रास्ता उन्होंने कड़कड़ाती ठंड में पैदल ही पूरा किया।
इस दौरान यूक्रेन की सेना ने भारतीय छात्रों के साथ काफी अभद्रता की। बच्चो़ के साथ मारपीट के साथ ही हवाई फायरिंग भी की जा रही है। रोमानिया बॉर्डर पर बहुत ज्यादा भीड़ है, उन्हें वहां पर करीब 12 घंटे तक खड़े रहना पड़ा। तब जाकर बॉर्डर से बाहर निकलने का मौका मिला। सद्दाम राईनी ने कहा कि यूक्रेन की सेना भारतीय लोगों को डराने के लिए लगातार फायरिंग कर रही है, लेकिन रोमानिया के लोग बहुत सहयोग कर रहे हैं।
पिता ने सरकार के प्रति जताया आभार
बच्चे के घर वापसी पर सद्दाम राईनी के पिता इसरार ने बताया कि जब तक उनका बेटा घर वापस नहीं आया था तब तक वो काफी परेशान थे। उनका किसी काम में मन नहीं लग रहा था। लेकिन भारत सरकार ने उनकी बहुत मदद की। इसके लिए पूरा परिवार आभारी है।
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