बरेली: गोशालाओं के 1432 गोवंशों का पालन करेंगे किसान

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बरेली,अमृत विचार। छुट्टा मवेशियों से किसानों को छुटकारा दिलाए जाने के लिए सहभागिता योजना संचालित की गई है। प्रशासन की ओर से फरवरी में 1593 गोवंश ग्रामीणों के सुपुर्द किए जाने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें से अभी तक 1432 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। आए दिन छुट्टा मवेशी किसानों की फसल खा …

बरेली,अमृत विचार। छुट्टा मवेशियों से किसानों को छुटकारा दिलाए जाने के लिए सहभागिता योजना संचालित की गई है। प्रशासन की ओर से फरवरी में 1593 गोवंश ग्रामीणों के सुपुर्द किए जाने का लक्ष्य दिया गया है। इनमें से अभी तक 1432 गोवंश सुपुर्द किए जा चुके हैं। आए दिन छुट्टा मवेशी किसानों की फसल खा जाते हैं। सरकार ने किसानों की इस समस्या को देखते हुए सहभागिता योजना चलाई है।

इसका उद्देश्य गायों को संरक्षित करने के साथ-साथ अल्पपोषित बच्चों को पोषण प्रदान करना है। इस योजना के तहत आवारा मवेशी अपनाने वाले व्यक्ति को हर महीने 900 रुपये दिए जाएंगे। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि गाय आश्रय जानवरों के लिए कम पड़ रहे हैं।

10 दिन पहले सीडीओ ने बैठक कर बीडीओ, डीपीआरओ, पंचायत सचिव व मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को मवेशियों की सुपुर्दगी के निर्देश दिए थे। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. ललित कुमार वर्मा ने बताया कि पंचायत सचिव, प्रधान व बीडीओ आवेदन करने वाले व्यक्ति को गोवंश सुपुर्द कर रहे हैं। शासन की ओर से प्रत्येक गाय आश्रय के लिए 30 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जा रहा है।

गोशालाओं में संरक्षित किए गए सात हजार गोवंश

वर्ष 2018-19 की पशु गणना के अनुसार 6972 गोवंश छुट्टा हैं, जिसके सापेक्ष सात हजार मवेशियों को गोशालाओं में संरक्षित किया गया है। सुपुर्दगी में दिए जा रहे गोवंशों के स्थान पर छुट्टा मवेशियों को गोशाला में संरक्षित किया जा रहा है।

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