लखनऊ: अटल के बाद उनकी परछाई ने भी छोड़ा साथ, शिव कुमार के निधन से राजधानीवासी स्तब्ध

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी लखनऊ से कई बार सांसद रहे। इस दौरान वह नेता प्रतिपक्ष से लेकर प्रधानमंत्री तक बने और आखिरबार 2004 में लखनऊ से सांसद बनने के बाद राजनीति के बियाबान में भी रहे। अपनी व्यस्तता की वजह से अटल लखनऊ को उतना समय नहीं दे पाते थे। …

लखनऊ। भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी लखनऊ से कई बार सांसद रहे। इस दौरान वह नेता प्रतिपक्ष से लेकर प्रधानमंत्री तक बने और आखिरबार 2004 में लखनऊ से सांसद बनने के बाद राजनीति के बियाबान में भी रहे। अपनी व्यस्तता की वजह से अटल लखनऊ को उतना समय नहीं दे पाते थे। लेकिन उनकी इस कमी को उनके प्रतिनिधि और निजी सचिव शिव कुमार ने कभी कम नहीं होने दी। अटल जी के बाद शिवकुमार के निधन से राजधानीवासी स्तब्ध हैं। अटल के चाहने वालों ने शिवकुमार से जुड़े संस्मरण साझा किए।

जनसंघ के जमाने से ही अटल बिहारी वाजपेयी की लखनऊ से करीब किसी से छिपी नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री के साथ ही उनके निजी सचिव शिव कुमार का लखनऊ से बहुत करीबी रिश्ता रहा है। सांसद अटल बिहारी वाजपेयी के प्रतिनिधि के तौर पर शिव कुमार लखनऊ में काफी सक्रिय रहे हैं। यहीं नहीं, तत्कालीन भाजपा के नेताओं लाल जी टंडन, कल्याण सिंह, कलराज मिश्र और राजनाथ सिंह और वाजपेयी के बीच एक कड़ी के तौर शिवकुमार ही थे। इसके अलावा लखनऊ के लाखों मतदाता भी अपने काम के लिए अटल जी की गैरहाजिरी मंे शिवकुमार को ही घेरते थे।

अटल के साथ साए की तरह रहते थे शिवकुमार

लखनऊ से सांसद रहने के दौरान अटल जी के स्थानीय निवास की कमान शिवकुमार के ही पास थी। यही नहीं वाजपेयी के साथ साए की तरह रहने वाले शिवकुमार उनकी सेहत से लेकर व्यक्तिगत जरूरतों तक का ख्याल रखते थे। आरएसएस से जुड़े बुजुर्ग स्वंयसेवक गोपी मेहरोत्रा बताते हैं कि अटल और लाल जी टंडन की करीबी सभी जानते है। जब भी अटल लखनऊ में रहते थे तो चौक में टंडन के घर अवश्य आते थे।

इस दौरान शिवकुमार भी उनके साथ ही रहते थे। वह बताते हैं कि चौक में राजा की ठंडाई के अटल जी काफी शौकीन थे। इसलिए शिवकुमार और टंडन साथ जाकर उनके लिए ठंडाई जरूर पीते थे। मेहरोत्रा बताते हैं कि अटल जी खाने के शौकीन थे तो टंडन मेजबानी के ऐसे । वहीं शिवकुमार अटल के सहायक से ज्यादा छाया की तरह रहते थे। इसलिए मुलाकात होती रहती थी। उन्होंने कहा कि काफी मिलनसार और हंसमुख स्वाभाव के शिवकुमार के न रहने की कमी जरूर खलेगी।

शिवकुमार अटल और कार्यकर्ताओं के बीच थे सेतु

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व नगर महामंत्री और पार्षद अनुराग मिश्र अन्नू बताते हैं कि अटल जी के प्रधानमंत्री रहने के दौरान शिवकुमार उनके प्रतिनिधि थे। ऐसे में कार्यकर्ताओं का सबसे ज्यादा सामना उनसे ही पड़ता था। ऐसे ही सन 2000 का संस्मरण बताते हुए वह कहते हैं कि उस समय अटल जी प्रधानमंत्री थे और हम लोग मंडल के छोटे से कार्यकर्ता थे। ऐसे में एक दिन शिवकुमार लालजी टंडन के घर बैठक के लिए आए।

अन्नू कहते हैं कि तब हम लोगों ने उनके समक्ष प्रधानमंत्री आवास घूमने की इच्छा जताई। जिसके बाद उन्होंने दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास में मंडल कार्यकर्ताओं के साथ पीएम की मुलाकात कराई । इसके अलावा सभी लोगों को प्रधानमंत्री आवास का भ्रमण भी कराया। मिश्र कहते हैं कि फिलवक्त तक शिवकुमार लखनऊ का हालचाल लेते रहते थे।

लंबी मूंछे थीं शिवकुमार की पहचान

अवध बार एसोसएिशन के पूर्व उपाध्यक्ष एडवोकेट अशोक साहू बताते हैं कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के साथ शिवकुमार का करीब 60 वर्षों का साथ थ। जयपुर निवासी शिवकुमार परछाई की तरह अटल जी के साथ रहते थे। लखनऊ में अटल जी के पहले चुनाव का जिक्र करते हुए वह बततो हैं कि उस चुनााव में प्रबंधन की सारी वयवस्था उनके ही हवाले थी। ऐसे में मतदाता पर्ची के विरतण से लेकर जनसभा, मुद्रण आदि की सारी जानकारी लेते रहते थे। इसके अलावा फीड बैक भी लेते थे। वह बताते हैं कि शिवकुमार जी की मूंछे ही उनकी पहवान थी।

निधन पर कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

पूर्वप्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निजी सचिव शिवकुमार के निधन पर अटल बिहारी मेमोरियल फाउंडेशन ने शोक सभा का आयोजन कर श्रद्धान्जलि अर्पित की गयी एवं उनकी आत्मा की। इस मौके पर अध्यक्ष ब्रजेश पाठक , पूर्व एमएलसी अरविन्द त्रिपाठी गुड्डू , वरिष्ठ समाजसेवी संजय चौधरी, मनीष शुक्ला, शिव कुमार श्रीवास्तव , राजीव श्रीवास्तव कौशल किशोर , रमेश तूफानी, हृदय नारायण श्रीवास्तव , धनश्याम दास अग्रवाल एवं अन्य सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहें।

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