हरदोई: रसूखदारों के अवैध मारुति शोरूम पर आरसी हुई चस्पा, ग्राम समाज की भूमि पर बना शोरूम
हरदोई। कई सालों की जद्दोजहद के बाद अवैध मारुति शोरूम की जमीन फिर से ग्राम सभा में दर्ज करने के आदेश हुए हैं। सरकारी जमीन पर कब्जा करने के कारण 35 करोड़ से अधिक जुर्माना भरने की आरसीबी तहसील द्वारा अवैध शोरूम पर चस्पा कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा …
हरदोई। कई सालों की जद्दोजहद के बाद अवैध मारुति शोरूम की जमीन फिर से ग्राम सभा में दर्ज करने के आदेश हुए हैं। सरकारी जमीन पर कब्जा करने के कारण 35 करोड़ से अधिक जुर्माना भरने की आरसीबी तहसील द्वारा अवैध शोरूम पर चस्पा कर दी गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।
बताते चलें नानक गंज ग्राम सभा की सरकारी भूमि पर पहले एक ट्रस्ट बनाया गया बाद में वहां पर अवैध शोरूम बना दिया गया। गौरतलब हो कि 1987 में तत्कालीन जिलाधिकारी हरदोई ने लगभग 17 बीघा जमीन ज्ञानयोग धर्मार्थ ट्रस्ट को सार्वजनिक खाते की सुरक्षित श्रेणी की जमीन ट्रस्ट को आवंटित कर दी थी। 2010 में मारुति शोरूम के डायरेक्टर सजीव अग्रवाल ने सुरक्षित श्रेणी की ट्रस्ट की करोड़ो रूपये की जमीन को फर्जी ट्रस्ट अध्यक्ष बनकर ट्रस्ट की जमीन को अपने ही पुत्रो को बेच दिया। तत्पश्चात सजीव अग्रवाल के पुत्र यशवर्धन अग्रवाल सूर्यवर्धन अग्रवाल ने ट्रस्ट की जमीन पर मारुति शोरूम बनवा दिया।
अग्रवाल बंधु व राजस्व विभाग के उच्च स्तरीय अधिकारियों की मिलीभगत से ट्रस्ट की जमीन को हड़प लिया गया।जिसकी समय समय पर कई बार शिकायत भी हुई लेकिन पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच राजस्व विभाग की मिलीभगत थी इस कारण नही हो सकी।
2021 मार्च में शिकायतकर्ता उच्च न्यायालय की शरण मे चला गया।उच्च न्यायालय के अधिवक्ता कृष्ण कुमार सिंह व अंशु सिंह ने उच्च न्यायालय को रसूखदारों के बड़े भ्रष्टाचार से सभी तथ्यों सहित अवगत कराया कि रसूखदारों ने हरदोई ब्यूरोक्रेसी की मिलीभगत से किस प्रकार सरकारी जमीन को हड़प लिया है।
उच्च न्यायालय प्रकरण को गम्भीरता से लिया जिस कारण निष्पक्ष जांच हुई यह संभव हो पाया। मारुति शोरुम के डायरेक्टर सजीव अग्रवाल व तत्कालीन उपनिवन्धक भगवान सिंह पर धारा 467,468,419,420,के अंतर्गत एफआईआर दर्ज हुई व जो जमीन अग्रवाल बंधु व ट्रस्ट के नाम दर्ज थी उसको पुनः ग्रामसभा के खाते में निहित किया गया और सरकारी जमीन पर अतिक्रमण को लेकर पैंतीस करोड़ चार लाख साठ हजार रुपये 35,04,60,000 का जुर्माना लगाया गया।
नोटिस हुई चस्पा
एक कहावत है तुलसी मानुस नही समय होत बलवान आपको बताते चले कि जिस शोरूम के अंदर किसी समय मे अच्छे अच्छे अधिकारी अदब से जाते थे या इस शोरूम के मालिकों से अदब से पेश आते थे उस शोरूम के कीमती शीशे पर एक अदने से कुर्क अमीन के पद पर तैनात एक कर्मचारी ने पैंतीस करोड़ की आरसी चस्पा कर दी आपको बताते चले कि यह पैंतीस करोड़ रुपया सजीव अग्रवाल को जमा ही करना पड़ेगा कानून के जानकारों के अनुसार अगर यह रुपया संजीव अग्रवाल जमा नही करते है तो संजीव अग्रवाल की संपति को नीलाम करके यह सरकारी धन की भरपाई की जाएगी।
इस प्रकरण से समझा जा सकता है कि जल्द ही यह आलीशान इमारत जमीदोंज होगी क्योंकि उच्च न्यायालय ने इस प्रकरण को मार्च 2021 में स्वतः संज्ञान लेते हुए पीआईएल ट्रीट कर लिया था।
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