रूस से तेल आयात पर फिलहाल रोक लगाने की स्थिति में नहीं सभी सहयोगी देश- अमेरिकी अधिकारी

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वाशिंगटन। अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि रूस से तेल और गैस के आयात पर रोक लगाने से पहले उसने अपने यूरोपीय साझेदारों से चर्चा की थी। उसने माना कि फिलहाल सभी सहयोगी देश ऐसा प्रतिबंध लगाने की स्थिति में नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को कार्यकारी आदेश जारी कर रूस …

वाशिंगटन। अमेरिकी प्रशासन ने कहा कि रूस से तेल और गैस के आयात पर रोक लगाने से पहले उसने अपने यूरोपीय साझेदारों से चर्चा की थी। उसने माना कि फिलहाल सभी सहयोगी देश ऐसा प्रतिबंध लगाने की स्थिति में नहीं हैं। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति जो बाइडेन ने मंगलवार को कार्यकारी आदेश जारी कर रूस से कच्चे तेल, कई पेट्रोलियम उत्पादों, तरल प्राकृतिक गैस और कोयले के आयात पर रोक लगा दी थी।

इसका उद्देश्य रूस को अमेरिकी चालकों और उपभोक्ताओं से सालाना मिलने वाले अरबों डॉलर के राजस्व से वंचित करना है। पिछले साल अमेरिका ने रूस से रोजाना औसतन सात लाख बैरल कच्चा तेला और परिस्कृत पेट्रोलियम उत्पाद का आयात किया था। बाइडेन प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”इस कदम को उठाने से पहले हमने अपने यूरोपीय साझेदारों से करीबी चर्चा की, लेकिन उनसे हमें उम्मीद नहीं थी और हमने उनसे इसमें शामिल होने के लिए नहीं कहा।” अधिकारी ने कहा, ”अमेरिका यह कदम उठाने में सक्षम है, क्योंकि घरेलू स्तर पर हमारी मजबूत ऊर्जा उत्पादन क्षमता है।

हम स्वीकार करते हैं कि इस मामले में फिलहाल हमारे सभी सहयोगी देश हमसे जुड़ने की स्थिति में नहीं हैं।” अधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंध नए सौदों पर लागू होगा। उन्होंने कहा, ”हमने रूस से नयी खरीद पर रोक लगाई है, लेकिन पहले हो चुके करार के तहत हम तेल के आयात की अनुमति देंगे। पुराने सौदों के तहत आपूर्ति पूरी करने के लिए हम 45 दिन का समय दे रहे हैं।” इस बीच, रूस से तेल और गैस के आयात पर रोक लगाने की घोषणा करते हुए बाइडन ने कहा कि यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध से अमेरिकी परिवार प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि गैस के दाम बढ़ रहे हैं और इसमें और इजाफा होने की आशंका है। हालांकि, बाइडन ने वादा किया कि वह (रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर) पुतिन द्वारा बढ़ाए गए दाम के असर को घरेलू स्तर पर कम करने के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।

प्रतिबंधों के कार्यकारी आदेश पर दस्तखत करने के बाद व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत में बाइडेन ने कहा, ”पुतिन के युद्ध से पहले ही अमेरिकी परिवार प्रभावित हो रहे हैं, क्योंकि गैस के दाम बढ़ रहे हैं। पुतिन द्वारा यूक्रेन की सीमा पर सैनिकों का जमावड़ा करने के बाद से ही अमेरिका में गैस के दाम 75 सेंट तक बढ़ गए।

इस प्रतिबंध से इसमें और वृद्धि होगी।” ईंधन के दाम को स्थिर रखने को लेकर उठाए गए कदम पर णेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ”हम अपने सहयोगियों से समन्वय कर रहे हैं। हमने छह करोड़ बैरल तेल संयुक्त रूप से अपने आरक्षित भंडार (रिजर्व) से जारी करने की घोषणा की है। इसमें से आधा अमेरिका से आएगा। हम वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की विश्वसनीय आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं।

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