बहराइच: गेरुआ नदी में दुर्लभ कछुए बने पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र

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बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में स्तिथ गेरुआ नदी जलीय जीवों के लिए वरदान साबित हो रहा है। नदी में लकड़ी पर धूप सेंक रहे कछुए पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में बाघ, तेंदुआ, हाथी समेत अन्य जंगली जीव विचरण करते हैं। जंगल के बीच से गुजरने वाली गेरुआ और …

बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में स्तिथ गेरुआ नदी जलीय जीवों के लिए वरदान साबित हो रहा है। नदी में लकड़ी पर धूप सेंक रहे कछुए पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग में बाघ, तेंदुआ, हाथी समेत अन्य जंगली जीव विचरण करते हैं। जंगल के बीच से गुजरने वाली गेरुआ और कड़ियाला नदी जलीय जीवों के लिए वरदान साबित हो रही है। नदी में डॉल्फिन, मगरमच्छ, घड़ियाल और विभिन्न प्रजाति के कछुए भी विचरण कर रहे हैं।

कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब के अध्यक्ष भगवान दास लखमानी और सदस्य अमन समेत अन्य लोग जंगल भ्रमण पर गए तो जंगल में स्तिथ गेरुआ नदी में पड़े लकड़ी पर सफेद, काला और भूरा रंग का कछुआ धूप सेंकते दिखे। सभी ने कैमरे में दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की फोटो कैमरे में कैद की।

दुर्लभ प्रजाति के कछुए भी जंगल भ्रमण के लिए जाने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। डीएफओ आकाशदीप वधावन ने बताया कि जंगल में वन्यजीव के अलावा जलीय जीव भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं।

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