बरेली: 85,280 वादों का निस्तारण, आठ दंपतियों का पुनर्मिलन
बरेली,अमृत विचार। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 85280 वादों का निस्तारण कराया गया। इसके साथ परिवार न्यायालय कोर्ट ने आठ दंपतियों का पुनर्मिलन कराया। वादों के निस्तारण के दौरान 25 करोड़ 79 लाख 76 हजार 389 रुपये की धनराशि वसूल की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष/जिला जज रेणु अग्रवाल द्वारा शनिवार सुबह 10ः30 …
बरेली,अमृत विचार। राष्ट्रीय लोक अदालत में शनिवार को 85280 वादों का निस्तारण कराया गया। इसके साथ परिवार न्यायालय कोर्ट ने आठ दंपतियों का पुनर्मिलन कराया। वादों के निस्तारण के दौरान 25 करोड़ 79 लाख 76 हजार 389 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष/जिला जज रेणु अग्रवाल द्वारा शनिवार सुबह 10ः30 बजे मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप जलाकर राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में न्यायिक अधिकारियों, विभिन्न बैंकों, बीमा कंपनियों के अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं पदाधिकारियों ने प्रतिभाग किया एवं लंबित वादों का निस्तारण कराया।
नोडल अधिकारी/अपर जिला जज इफ्तेखार अहमद ने बताया कि विभिन्न न्यायालयों द्वारा 21375 वादों का निस्तारण किया। अपर सत्र न्यायालय के 1377 वाद, सिविल प्रकृति के 825 वाद, मोटर दुर्घटना प्रतिकर के 302 वाद, पारिवारिक मामलों के 310 वाद, फौजदारी के 6366 वाद तथा विभिन्न राजस्व न्यायालयों द्वारा 11333 वादों का निस्तारण आपसी सुलह समझौते व अभिस्वीकृति के आधार पर किया गया।
राष्ट्रीय लोक अदालत में 3930 ई चालानों का निस्तारण किया गया। राष्ट्रीय लोक अदालत में जनपद के अन्य सभी विभागों द्वारा 61,396 प्रकरणों का सफल निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना वादों में 7,89,41,000 रुपये की धनराशि प्रतिकर के रूप में पीड़ित पक्षकारों को दिलवाई गई, फौजदारी वादों में अर्थदंड के रूप मे 20,42,200 रुपये की धनराशि वसूल की गई तथा दूरसंचार विभाग के 79 वादों का निस्तारण कर 1,29,668 रुपये की धनराशि वसूल की गई।
प्राधिकरण सचिव सत्येन्द्र सिंह वर्मा ने बताया कि लोक अदालत के आयोजन में जनपद न्यायालय परिसर में चार जगह बैंको के कैम्प लगाए गए, जिसमें विभिन्न बैंको ने बैंक ऋण से संबंधित 2422 वादों का निस्तारण किया एवं कुल ऋण धनराशि 13,30,68,000 रुपये वसूल की गई।
उन्होंने ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल समझौता धनराशि 25,79,76,389 रुपये रही और 3930 ट्रैफिक चालानों का निस्तारण करते हुए 15,87,450 रुपये की जुर्माना धनराशि वसूल की गई। पारिवारिक न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश हरीश त्रिपाठी, अपर प्रधान न्यायाधीश शैलौज चंद्रा व कविता निगम ने लोक अदालत में कुल 310 वादों का निस्तारण कर 4,90,000 रूपये की धनराशि का सेटलमेंट कराया गया तथा प्री लिटिगेशन पारिवारिक मामलों में पारिवारिक न्यायालय की अदालत में 8 दंपत्तियों का समझौता कराकर पुनर्मिलन कराया गया।
इस लोक अदालत में विधि छात्रों ने भी प्रतिभाग किया और वादकारियों एव अधिवक्ताओं के मध्य सर्वे कर प्राप्त जानकारी को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के एप पर दर्ज किया। इस मौके पर वंश चतुर्वेदी, प्रीति, पूजा सिंह, पुष्पेन्द्र यादव, प्रिया आदि विधि छात्र उपस्थित रहे। लोक अदालत में वादकारियों की सुविधा के लिए प्राधिकरण की हेल्पडेस्क भी स्थापित की गई।
जिसमें आने वाले वादकारियों को असुविधा से बचाने के लिए ई चालानों तथा अन्य लंबित मामलों के संबंध मे जानकारियां हेल्पडेस्क पर मौजूद कर्मचारियों द्वारा प्रदान कराई गई। लोक अदालत को सफल बनाने में समस्त न्यायिक अधिकारियों, बैंक-बीमा कंपनी के अधिकारियों, अन्य न्यायिक कर्मचारियों, पराविधिक स्वयं सेवको का योगदान रहा।
इस अवसर पर अपर जिला जज प्रथम सुनील कुमार वर्मा, सत्यदेव गुप्ता, रचना अरोड़ा, अंगद प्रसाद, इफ्तेखार अहमद, अब्दुल कय्यूम, अमित सिंह, तबरेज अहमद, उत्कर्ष यादव, प्रमोद गुप्ता, शिव कुमार, हरी प्रसाद, सीजेएम अतुल चौधरी, सिविल जज हरिश्चन्द्र, मृदांशु कुमार, श्वेता यादव, एसीजेएम विष्णु देव सिंह, सत्य प्रकाश आर्या, आशुतोष, देवेंद्र कुमार, विमलेश सरोज तथा रेलवे मजिस्ट्रेट विवेक सिंह आदि उपस्थित रहे।
मोटर एक्सीडेंट क्लेम अधिवक्ताओं ने कराये वादों के समझौते से निपटारे
मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में लम्बित वादों का निपटारा सुलह समझौते के जरिए अधिवक्ताओं ने कराया। प्रमोद कुमार यादव एडवोकेट ने बताया कि उनके 6 वादों का निस्तारण सुलह समझौते के आधार पर हुआ जिसमें वादकारियों को 41,70000 रुपये की रकम बतौर क्षतिपूर्ति दिलवायी गयी। गौरव भाटिया एडवोकेट ने बताया कि उनके 48 केसों का समझौते का आधार पर निपटारा हुआ जिसमें वादकारियों को 1,11,75000 रुपये की क्षतिपूर्ति की धनराशि दिलवायी गयी।
ये भी पढ़ें-
बरेली: विधायक की जीत पर समर्थकों ने लगाए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे
