मुरादाबाद : इकोफ्रेंडली लकड़ियों से होगा होलिका दहन
मुरादाबाद,अमृत विचार। होलिका दहन में गोबर के लकड़ी (कंडा) का प्रयोग होगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए यह पहल की गयी है। इस पहल से पर्यावरण शुद्ध तो रहेगा ही, पेड़ों का कटान भी रुकेगा। गाय के गोबर को रोल बनाकर उसे लकड़ी जैसे आकार में सुखाया जा रहा है। इस लकड़ीनुमा सूखे गोबर का प्रयोग …
मुरादाबाद,अमृत विचार। होलिका दहन में गोबर के लकड़ी (कंडा) का प्रयोग होगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए यह पहल की गयी है। इस पहल से पर्यावरण शुद्ध तो रहेगा ही, पेड़ों का कटान भी रुकेगा। गाय के गोबर को रोल बनाकर उसे लकड़ी जैसे आकार में सुखाया जा रहा है। इस लकड़ीनुमा सूखे गोबर का प्रयोग हवन पूजन के साथ ही होलिका दहन में भी किया जाएगा। गोबर के इस उत्पाद को पांच से छह दिन में सुखाया जाता है। जिसके बाद इस लकड़ी को मशीन से तैयार किया जा रहा है। ऐसी लकड़ी के जलने से आक्सीजन का क्षरण कम होता है।
दिवज्ञा केयर सेंटी की सदस्य गौरी जैन ने बताया कि शहर के विभिन्न हिस्स में इसकी आपूर्ति कर दी गयी है। गाय के गोबर से बनी होलिका को कई अर्थों में समझा जा सकता है। पर्यावरण संरक्षण के साथ गो संवर्धन भी इससे होगा। जिला प्रशासन की ओर से इकोफ्रेंडली होली की अपील की गयी है।
श्री भगवती गो पुनर्वास आश्रम के संस्थापक दीपक वार्ष्णेय ने बताया कि होली के लिए इस तरह से लकड़ी का निर्माण तीन माह पहले शुरू कर दिया था। करीब एक हजार क्विंटल लकड़ियों की मांग है। इसका खर्च सामान्य लकड़ी से कम है और पर्यावरण के लिए लाभदायी होती है।
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